LAKHIMPUR KHERI NEWS: विद्या भारती विद्यालय पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज (यू० पी० बोर्ड) में आज, 30 अक्टूबर, को देश के दो महान सपूतों, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं प्रख्यात समाजवादी चिंतक आचार्य नरेन्द्र देव की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आचार्य अरुण कुमार ने दोनों महापुरुषों के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ० योगेन्द्र प्रताप सिंह ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित भैया बहनों ने देश की एकता और अखंडता में सरदार वल्लभ भाई पटेल के अद्वितीय योगदान को याद किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जी ने अपने संबोधन में कहा, “सरदार पटेल न केवल भारत के पहले गृह मंत्री थे, बल्कि वे एक ऐसे शिल्पी थे, जिन्होंने आजादी के बाद 560 से अधिक रियासतों को एक धागे में पिरोकर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी। उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाना, उनके राष्ट्र निर्माण के संकल्प के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।” उन्होंने आचार्य जी के बारे में संबोधित करते हुए कहा कि आचार्य नरेन्द्र देव एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने शिक्षा (काशी विद्यापीठ के कुलपति के रूप में) और समाजवादी दर्शन को नई दिशा दी। उनका जीवन गरीब, मजदूर और किसानों के हितों के लिए संघर्ष का पर्याय रहा। हमें उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में समानता और न्याय स्थापित करने की दिशा में काम करना होगा।” इस अवसर पर, उपस्थित सभी सदस्यों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन सर्वेन्द्र कुमार अवस्थी ने किया।







