PRAYAGRAJ NEWS: इलाहाबाद फार्मर जो कृषि प्रौद्योगिकी की एक मुक्त सुलभ वैज्ञानिक और सहकर्मी-समीक्षित (चममत-तमअपमूमक) पत्रिका है, ने अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह एशिया का पहला कृषि प्रकाशन है, जो लगातार एक सदी से सफलतापूर्वक प्रकाशित हो रहा है।bइस अवसर पर डाक विभाग ने उत्तर प्रदेश फिलैटेलिक सोसाइटी के संयुक्त तत्त्वधान से सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज – ैभ्न्।ज्ै ( पूर्व में इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट) के संस्थापक दिवस पर एक विशेष फिलैटेलिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर एक विशेष आवरण (ैचमबपंस ब्वअमत) का विमोचन किया गया, जिस हरे रंग का विरूपण (बंदबमससंजपवद) अंकित था कृ यह उत्तर प्रदेश में पहली बार हुआ है। यह आवरण कृषि शिक्षा की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। इसे कृषि का प्रतीक रंग ‘हरा’ चुना गया और इसे उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा आवरण बनाया गया जिसे बैलगाड़ी द्वारा प्रेषित किया गया। इस बैलगाड़ी को किसान छोटू ने चलाया, जिनके साथ डाकिया श्री संतोष थे। समारोह का विशेष आकर्षण था एल्बम का प्रतीकात्मक वितरण। डाकिया द्वारा कृषि संस्थान उपडाकघर से विमोचित एल्बम को विश्वविद्यालय के सभागार तक पहुँचाया गया। इसके बाद डाकिया श्री संतोष ने वह एल्बम कुलपति बिशप (प्रो.) राजेन्द्र बी. लाल को भेंट किया, जहाँ औपचारिक वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले प्रमुख अतिथियों में प्रो. (डॉ.) अमित कुमार मसीह, निदेशक (वित्तीय योजना एवं प्रबंधन)य डॉ. आदित्य सिंह, महासचिव, एवं एम. गुलरेज, संयुक्त सचिव, फिलैटेलिक सोसाइटी ऑफ उत्तर प्रदेश की एहम भूमिका रही। कार्यक्रम में राजेश वर्मा, इंडिया पोस्टय शारिकय अनिल कुमार गुप्ताय अशोक मित्तलय राजय बड़ेलाल, छोटू और एम. नुमान उपस्थित रहे।





