Home इटावा खाद के लिए बेहाल किसान, सब्र टूटा तो किया विरोध

खाद के लिए बेहाल किसान, सब्र टूटा तो किया विरोध

कई घंटे तक भूखे प्यासे लाइन में लगे किसान, फिर भी खाद के बिना खाली हाथ लौटना पड़ा

ETAWA NEWS:  किसान खाद के लिए तरस गए हैं। सुबह 4 बजे से ही लाइन में लगने के बाद जब एक बोरी खाद भी नसीब नहीं हुई तो किसानों ने भरथना बालूगंज स्थित क्रय विक्रय सहकारी संघ के सामने खाद को लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। कस्बे के बालूगंज स्थित सहकारी क्रय विक्रय केंद्र पर खाद के लिए किसानों ने खूब हंगामा किया। 8-10 घंटे के इंतेजार के बाद भी जब किसी को खाद की एक बोरी भी न मिली तो सब्र जवाब दे गया और दोपहर करीब 12 बजे जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर ने कुछ ही देर में जाम तो खुलवा दिया लेकिन समस्या नहीं सुलझ सकी। वही ग्राम पाली की बुजुर्ग 62 वर्षीय महिला किसान  चुत्री देवी हाथ जोड़ते हुए रोने लगीं। चुन्नी देवी ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से लाइन में लगी भूख प्यास से चकर आ रहे हैं। बस एक बोरी खाद चाहिए। ऊमरसेड़ा के पास के नगला रपटपुरा की महिला किसान सपना की भी यही व्यथा थी। बंधारा सीपुरा के ग्राम इक्यारपुरा के खाद के लिए गुहार लगाती महिला लाइन में लगे किसान कप्तान सिंह ने बताया कि केंद्र पर अधिकारी, कर्मचारी लाइन में आने को कहते हैं कभी बिजली न होने, कभी दूसरी व्यवस्था नहीं होने की बात कहकर खाद नहीं बांट रहे हैं। एक बोरी ही सही, कम से कम खाद मिलनी तो चाहिए। 65 वर्षीय किसान महावीर सिंह शुक्रवार को भी केंद्र पर आए लेकिन खाद नहीं मिल पाई। सुबह 4 बजे से लाइन में लगकर गश खाकर गिरने जैसा हाल हो गया। ग्राम घमरया के युवा किसान अकित का कहना है कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है, खाद की कमी नहीं है। दोपहर तीन बजे के बाद खाद बांटना शुरू करेंगे, अंधेरा होने पर कल आना कह दिया जाएगा। अधिकतर किसानों को खाद नहीं मिल पाएगी। ये सब खाद की कालाबाजारी करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, क्रय विक्रय केंद्र के प्रभारी सचिव हरेंद्र यादव का कहना है कि बिजली न आने के चलते मशीन नहीं चल सकी,इसलिए खाद वितरण में देरी हुई. दोपहर के बाद खाद का वितरण किया गया।