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भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया

दिगंबर जैन मंदिर में 108 कलशों से नहावन, शोभा यात्रा और पूजन अनुष्ठान
KUSHINAGAR NEWS: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस पर परूवा के दिन बुधवार को फाजिलनगर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कस्बे के कालेज रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में दिन भर विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर में 108 कलशों द्वारा नहावन, शांति पाठ, और शांति धारा से हुई। जिसे मंदिर के पुजारी अजय कुमार जैन एवं गोरखपुर से पधारे रबि जैन ने विधिपूर्वक सम्पन्न कराया। इसके पश्चात भगवान महावीर स्वामी की भव्य आरती की गई और भगवान आदिनाथ, पुष्पदंत, नेमिनाथ, पारसनाथ एवं महावीर स्वामी की प्रतिमाओं पर पुष्पमाला अर्पित कर पूजन संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने मंदिर में लड्डू का प्रसाद चढ़ाया और अष्टद्रव्यों से भगवान महावीर स्वामी का पूजन कर निर्वाण कांड का सामूहिक पाठ किया। जैन धर्म की परंपरा अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान अत्यंत विधिपूर्वक संपन्न किए गए। कार्यक्रम के अंत में नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में जैन धर्म अनुयायियों ने भाग लिया। यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरते हुए पुनः जैन मंदिर परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह और संयम को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया. धार्मिक अनुष्ठान से पूर्व मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर दिगंबर जैन मंदिर फाजिलनगर के अध्यक्ष पुखराज जैन, संजय जैन, प्रेमचंद जैन, डॉ. मनोज कुमार जैन, अरविंद जैन, समीर जैन, आंचल जैन, एनी जैन, पीहु जैन, डॉ. मृत्युंजय ओझा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जैन धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह धर्म शांति, अहिंसा और सत्यनिष्ठा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने राज वैभव त्याग कर मोक्ष की राह को चुना और सम्पूर्ण मानव जाति को संयम और आत्मबल का पाठ पढ़ाया। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में मानवता, भाईचारा और सहिष्णुता को बल दिया जा सकता है। वक्ताओं ने सभी से आह्वान किया कि वे महावीर के सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात करें। शोभा यात्रा में समीर जैन, अमित जैन, प्रतीक जैन, आदेश जैन, अनुप देवी, रानी जैन, काजल, सृष्टि जैन, सुषमा जैन सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों, धार्मिक धुनों और जयघोषों के साथ नगर में आस्था और भक्ति की छवि देखते ही बन रही थी।