PRATAPGARH NEWS: जिले के मांधाता विकासखंड के अंतर्गत आने वाली बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति हैसी परजी में किसानों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। किसानों के हक पर यहां के सचिव खुलेआम डाका डाल रहे हैं। सरकार द्वारा निर्धारित डीएपी खाद की बोरी, जिसकी कीमत 1350 रुपये तय है, किसानों से 1370 रुपये में वसूली जा रही है। महज 20 रुपये प्रति बोरी की अतिरिक्त वसूली छोटे किसानों के लिए भारी बोझ बन गई है।
स्थिति इतनी भयावह है कि कोई किसान सचिव के सामने रोकर गुहार लगा रहा है, तो कोई वृद्ध महिला सचिव के पैर पकड़कर खाद मांग रही है ताकि वह अपनी फसल बो सके। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सचिव वृद्ध महिला के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है, यहां तक कि उसे कमरे से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। यह न केवल मानवता के खिलाफ है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल उठाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि सहकारी समिति में खाद वितरण भी पक्षपातपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। किसी को 10 बोरी दी जा रही है, तो किसी किसान को केवल एक बोरी मिल रही है। आखिर यह भेदभाव क्यों? क्या सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को ऐसे भ्रष्ट सचिव ठेंगा दिखा रहे हैं? जनपद प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी महोदय से आग्रह है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और उस वीडियो को देखकर स्वयं निर्णय करें कि एक गरीब वृद्ध महिला को कैसे अपमानित किया गया। किसानों की आंखों के आंसू इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अब कार्रवाई का समय आ गया है। यदि ऐसे भ्रष्ट सचिवों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह किसानों के विश्वास पर गहरा आघात होगा।







