PRATAPGARH NEWS: सांगीपुर वार्ड स्थित श्रीरामजानकी हॉल में चल रही श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ ही गजेन्द्र मोक्ष, राम चरित्र की कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर दिखे। कथाव्यास पं. माधवपति त्रिपाठी जी महराज ने कहा कि जब जब धरा पर पाप बढ़ता है तब-तब प्रभु का अवतार होता है। भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अत्याचार को समाप्त करके धर्म की स्थापना के लिए हुआ। कथाव्यास ने कृष्ण जन्मोत्सव का विस्तार से वर्णन किया। श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग में नंद के घर आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों पर श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूम उठे। वहीं भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को लेकर धूमधाम से झांकी निकाली गयी। कान्हा को लेकर मथुरा के लिए निकले वासुदेव के रूप में दिनकर नाथ शुक्ल दीपक को वासुदेव के किरदार में देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में महिलाओं ने मंगलगीत गाये। मुख्य आयोजक डा0 पुरूषोत्तम शुक्ल व दयावती शुक्ल, शिक्षिका रीतू शुक्ला, प्रियंका, गरिमा, ईशा आदि ने बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण की भव्य आरती उतारी। अधिवक्ता जयकृष्ण शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत तथा डा0 आशीष शुक्ल ने आभार जताया। इस मौके पर नपं प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, माताफेर शुक्ल, विद्याकांत मिश्र, जयप्रकाश पाण्डेय, संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी महेश, रामप्रवेश त्रिपाठी, पूर्व प्रधानाचार्य रमेशचंद्र त्रिपाठी, डा0 रमेश पाण्डेय, ललित तिवारी, रिषभ तिवारी, श्रीनारायण शुक्ल, डा0 गौरव त्रिपाठी, डा0 पीयूष पाण्डेय, अखिलेश त्रिपाठी आदि ने कथाश्रवण किया।







