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जमीन पर फर्जी वारिस का दावा उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद खतौनी में हेराफेरी

JAUNPUR NEWS: जौनपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में कथित रूप से फर्जी वारिस बनकर जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। मामला केराकत तहसील के हरदासीपुर गांव का है, जहाँ सूर्यप्रकाश सिंह उर्फ भुल्लन द्वारा उपजिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। प्रार्थी का आरोप है कि उनके चचेरे भाई—जयप्रकाश, ओमप्रकाश, ज्ञानप्रकाश और मनोज कुमार—ने पारसनाथ नामक एक काल्पनिक व्यक्ति का पुत्र बताकर खतौनी में अवैध रूप से अपना नाम दर्ज करा लिया है, जबकि पूरे गांव में पारसनाथ नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं। सूर्यप्रकाश सिंह के अनुसार, उनके पिता स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह के तीन भाई थे—विश्वनाथ, बैजनाथ और शोभनाथ। बैजनाथ की कोई संतान नहीं है, जबकि शोभनाथ के पुत्रों ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर पारसनाथ का पुत्र बनकर जमीन पर कब्जे की साजिश रची है। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि यह खतौनी में हेराफेरी तब की गई, जब माननीय उच्च न्यायालय पहले ही इस मामले में पारसनाथ नामक व्यक्ति की वास्तविकता की जांच के आदेश दे चुका था। अदालत ने इस संबंध में 25 सितंबर 2025 को सुनवाई की तारीख तय की थी। इसके बावजूद विपक्षियों ने कथित तौर पर लेखपाल और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से 27 सितंबर 2025 को खतौनी में ‘पारसनाथ उर्फ शोभनाथ’ का नाम दर्ज करा लिया। प्रार्थी ने लेखपाल दिग्विजय सिंह सहित संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि 9 अक्टूबर 2025 से पूर्व खतौनी में संशोधन किया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो। सूर्यप्रकाश सिंह ने अपने आरोपों के समर्थन में माननीय उच्च न्यायालय का आदेश, परिवार रजिस्टर की प्रति और खतौनी की नकल जैसे दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए हैं।