JALAUN NEWS: जालौन रोड़ उरई सांसद कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जालौन, गरौठा-भोगनीपुर नारायणदास अहिरवार ने कहा कि जनपद मुख्यालय उरई जो बुंदेलखंड का पिछड़ा क्षेत्र कहलाया जाता है।इस क्षेत्र में शिक्षा का स्तर अत्यधिक निम्न है जिसके कारण यहां के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अन्य जनपदों में जाना पड़ता है तथा गरीबी के कारण कुछ बच्चे अन्य जगह न जा पाने के कारण शिक्षा से बंचित हो जाते है इस स्थिति को देखते हुए इस क्षेत्र में एक केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने की अत्यधिक आवश्यकता है।सपा सांसद नारायणदास अहिरवार ने बताया कि मुख्यालय उरई में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पुनः पत्र लिखकर भेजा है।जिसमें उन्होंने लिखा है कि मुख्यालय उरई में छात्रों की संख्या काफी अधिक है लेकिन उच्च स्तरीय शिक्षा की सुविधाएं बहुत ही सीमित है।यदि यहां एक केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना होती है तो न केवल यहां के बच्चों को उच्च गुणवत्ता शिक्षा मिलेगी बल्कि इससे क्षेत्र का शिक्षा स्तर भी काफी ऊंचा होगा।यह विद्यालय बच्चों को एक सशक्त, समग्र और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा जो उज्जवल भविष्य के निर्माण में सहायक होगा।उन्होंने भेजे शिक्षा मंत्री को पत्र में लिखा है कि जालौन के मुख्यालय उरई में एक केन्द्रीय विद्यालय खोने जाने की अति आवश्यकता है।







