अझारा में सातवें काव्य संगम में साहित्यकारों ने कविता के सुर में पिरोया राष्ट्रभक्ति का जज्बा
PRATAPGARH NEWS: नगर पंचायत के अझारा वार्ड में मां विन्ध्याचल देवी धाम परिसर में गुरूवार की रात सातवें काव्य संगम में साहित्यकारों ने वतनपरस्ती तथा सामाजिक जागरण को लेकर काव्यपाठ किया। सुमित्रा वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान में अर्न्तजनपदीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में आधी रात तक श्रोता साहित्यकारों की रचनाओं को सुनकर गदगद दिखे। कार्यक्रम में सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में योगदान के लिए आयोजन समिति द्वारा विशिष्टजनों को सम्मानित भी किया गया। शुभारंभ चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी ने आयोजक कवि अनूप प्रतापगढ़ी के साथ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कवयत्री वंदना शुक्ला ने मां सरस्वती की मनमोहक वंदना प्रस्तुत की। वंदना का सशक्तीकरण को लेकर श्रृंगार विधा में काव्यपाठ सराहा गया। गजलकार कृष्णकांत कामिल ने पढ़ा-मां ने सूरज कभी कह दिया था हमें, और हम उम्र भर जगमगाते रहे। आयोजक कवि अनूप प्रतापगढ़ी ने पढ़ा-लगे सबसे प्यारा अझारा मुझे की भावनात्मक प्रस्तुति में स्थानीय श्रोताओं की वाहवाही हासिल की। संदीप शरारती की कहीं समधन संग समधी फरार पर हंसी के फव्वारे छूटे। वहीं सोमनाथ कश्यप ने आंसूओं की रवानी नहीं चाहते पढ़कर कवि सम्मेलन को ऊंचाईयां प्रदान की। दीपेन्द्र तनहा का रात रात भर उड़ता ड्रोन, वहीं वाईपी सिंह का परहित में रहते लगे जिनके दोनों हाथ को भी श्रोताओं ने पसन्द किया। कवि डॉ0 केसरी शुक्ल का डीपी पर पोज की रचना युवा श्रोताओं को पसन्द आयी। हास्यकवि बिहारी लाल अम्बर भी श्रोताओं को खूब भाये। ओजकवि अंजनी अमोघ, विनीत मिश्र की भी रचनाएं सामाजिक एवं राष्ट्रीय चेतना को आगाज देती दिखीं। कवि सम्मेलन के आयोजक अजय मिश्र आशीष ने साहित्यकारों के साथ समाजसेवी प्रकाशचंद्र मिश्र, आचार्य विनय शुक्ल, अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश शुक्ल, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, अजेन्द्र सिंह, डा0 देवमणि त्रिपाठी, प्रधानाचार्य सुनील शुक्ल, श्यामकृष्ण शुक्ल, अभय द्विवेदी, जयप्रकाश पाण्डेय सरस, विनयशंकर मिश्र को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रियम मिश्र, दिनेश सिंह, डॉ0 हरिशंकर तिवारी, कमलेश मिश्र, कुलदीप तिवारी, अंकित तिवारी, नितिन मिश्र, अनुज दुबे आदि रहे।







