30 सितंबर 1993 को पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्र नेता भेजें गए थे जेल
BHADOHI NEWS: डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय की स्थापना के लिए 32 साल पहले हुए छात्र आंदोलन के नेताओं को मंगलवार को सम्मानित किया गया। जेल भेजे गए छात्र नेता मुशीर इकबाल, कलीमुल्लाह अंसारी और स्वालेह अंसारी को नगर के इंदिरा मिल चैराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में भदोही विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी काशीनाथ गौतम और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सोनभद्र जनपद के कोआर्डिनेटर करमचंद बिंद ने इन छात्र नेताओं को अंगवस्त्रम (शाल) और फूल माला पहनाकर स्वागत किया। यह सम्मान 30 सितंबर 1993 की घटना से जुड़ा है। जब छात्रों ने इंदिरा मिल चैराहे पर प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया था। पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज कर मुशीर इकबाल, कलीमुल्लाह अंसारी, स्वालेह अंसारी और यशवंत जैसल सहित कई छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन नेताओं पर पांच साल तक मुकदमा चला। जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। 90 के दशक में छात्रों ने उच्च शिक्षा के लिए यह आंदोलन किया था। जिसके परिणामस्वरूप डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय की स्थापना हुई। आज इस महाविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। करमचंद बिंद ने महाविद्यालय की स्थापना में इन आंदोलनों के महत्व पर जोर दिया। कहा कि हर वर्ष 30 सितंबर को इसी इंदिरा मिल चैराहे पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस मौके पर दिनेश चैरसिया, संदीप गुप्ता, परवेज अंसारी, आजाद हुसैन, उपेंद्र भारती, मुश्ताक अंसारी, शम्शुलहक हाशमी, आफताब आलम, कैलाश श्रीवास्तव, अभय सहाय, मो.हसन फिरोज, मुनाजिर हसन, आशीष यादव, जुनैद अहमद, मो.सुहेल, हम्माद अंसारी, मो.रिजवान, मो.साकिब व शाकिर राईन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।







