बनाई गई लूट की झूठी कहानी , घटना में संलिप्त पति पत्नी गिरफ्तार व उनके कब्जे से लूट का माल बरामद
BALRAMPUR NEWS: कमाल खान(ब्यूरो प्रमुख ) घटना का संक्षिप्त विवरणः- दिनांक 10 सितम्बर 2025 को वादी रामराज पुत्र अमेरिका निवासी ग्राम चैपुरवा मश0 शिवानगर थाना मह0 तराई जनपद बलरामपुर द्वारा थाना महराजगंज तराई पर सूचना दिया गया कि 3 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा समय करीब शाम 04:30 बजे प्रार्थी के घर ग्राम चैपुरवा शिवानगर में घुस कर प्रार्थी की पत्नी रीमा को चाकू दिखाकर पायल, बिछुवा, कान का टप व घर पर रखे रूपये उठाकर कर भाग जाने के सम्बन्ध में तहरीर दिया। वादी की तहरीर के आधार पर थाना महराजगंज तराई पर मु0अ0सं0- 78/25 धारा 309(4) बीनएस पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार द्वारा थाना महराजगंज तराई क्षेत्रांतर्गत हुई लूट की घटना के अनावरण हेतु टीमें गठित कर अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी ललिया देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव के कुशल पर्यवेक्षण में तथा थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में दिनांक 24.09.25 को थाना महराजगंज तराई पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 78/25 धारा 309(4) बीनएस के संबंध में आने-जाने वाले मार्गों के सीसीटीवी फुटेज, आडियो क्लिप एवं अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश में आये वांछित अभियुक्त 1. रामराज गौतम पुत्र अम्रिका निवासी ग्राम चैपुरवा शिवानगर थाना महराजगंज तराई जनपद बलरामपुर, 2 – रीमा देवी पत्नी रामराज गौतम निवासी ग्राम चैपुरवा शिवानगर थाना महराजगंज तराई जनपद बलरामपुर को स्वतंत्र साक्षियों के बयान एवं ऑडियो के अवलोकन से इस तथ्य की पुष्टि हुई कि वादी मुकदमा रामराज से मिलकर उसकी पत्नी रीमा देवी द्वारा अपने सास के सोने चांदी के जेवरात को छल करके लेने की नीयत से चोरी की झूठी कहानी बनाकर मुकदमा पंजीकृत कराया गया। ऑडियो क्लिप व अन्य साक्ष्य संकलन से वादी मुकदमा रामराज व उसकी पत्नी रीमा देवी द्वारा अपने जुर्म को स्वीकार करते हुए छिपाये हुए पायल व बिछुवा को रीमा देवी द्वारा अपने निशानदेही पर बरामद कराया गया, जिसके फलस्वरूप अभियोग में वादी मुकदमा रामराज व रीमा देवी उपरोक्त का नाम प्रकाश में लाते हुए अभियोग में पंजीकृत धारा 309(4) को विलोपित कर धारा 318(4), 317(2), 229 , 231 बीएनएस की बढ़ोत्तरी कर अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।पूछताछ का विवरण- वादी मुकदमा /अभियुक्त रामराज व उसकी पत्नी रीमा देवी से अलग-अलग एवं एक साथ पूछताछ किया गया तो रीमा देवी ने बताया कि मेरे कमरे में मेरे सास शिवराजी देवी के सोने चांदी के जेवरात रखे थे। मेरे मन में लालच आ गया, मैं सोची कि इस समय अफवाह चल रहा है, चोरी का हल्ला करके मैं भी अपनी सास के जेवरातों को रख लूंगी। इसीलिये मैंने यह सूचना दी थी, लेकिन उसी दिन पुलिस वालों ने मेरे घर से ही मेरे सास के गहने को जहाँ मैं छिपाकर रखी थी, उस बाल्टी से निकलवा दिये, तब मैंने अपने बचाव में कहा कि यह गहना बच गये हैं लेकिन मेरे पायल, बिछुवा तीनों अज्ञात चोर चुरा ले गये है और जब मेरे पति घर आये थे, तो उनसे भी मैं इस बात को बतायी, और हम लोगों ने यह तय किया कि ट्रक मालिक का पैसा यदि हम लोग चोरी दिखा देंगे तब गांव के लोग सही मान जायेंगे। इसलिये मैं तथा मेरे पति ने मिलकर पायल, बिछुवा व 41800 रूपये की झूठा लूट का मुकदमा लिखवा दिया। तत्पश्चात रामराज द्वारा बताया गया कि साहब मैं भोला ब्रदर्स का ट्रक चलाता हूँ। दिनाँक 10.09.2025 को तुलसीपुर में गिट्टी उतरवाकर 41800 रूपये लिया था, जिसको मुझे भोला ब्रदर्स में गोपीनाथ भइया को देना था। तभी शाम करीब 5:30-06:00 बजे मुझे मेरे गांव से फोन आया कि तुम्हारे घर में लगभग दोपहर 4 बजे चोरी हो गयी है, जल्दी से घर आ जाओ, जिसके बाद मैंने अपने ट्रक मालिक को यह बात बताकर घर चला गया, वहाँ जाने के बाद मैंने देखा कि मेरे घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था, जिसके बाद मैंने थाने पर मुकदमा लिखवा दिया। बाद में मुझे कुछ लोगों द्वारा बताया गया कि जो तुम्हें ट्रक वाले पैसे मिले हैं, उसको भी चोरी में दिखा दोगे,तो तुम्हारा फायदा हो जायेगा, जिसके बाद मैंने 41800 रूपये को भी चोरी में दिखा दिया था। मुझे नहीं पता था कि आप लोग भोला ब्रदर्स में जाकर गोपीनाथ भइया से पूछताछ करेंगे और गोपीनाथ भइया मेरी कॉल रिकार्डिंग भी रखे हैं। साहब जो पैसा मैंने चोरी दिखाया था, वह पैसा मैंने अपने कंडक्टर मोनू पाल के माध्यम से उसी दिन अपने ट्रक मालिक गोपीनाथ को देने के लिये दे दिया था। अपनी पत्नी को बचाने के लिये मैं भी इसमें शरीक हो गया ।







