Home उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत ऐरीरमपुरा के प्रधान को मिल चुका मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार

ग्राम पंचायत ऐरीरमपुरा के प्रधान को मिल चुका मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार

जनपद जालौन की नम्बर-1ग्राम पंचायत पर दिया गया पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने खुद गांव आकर प्रधान के विकास कार्यों की थी तारीफ

JALAUN NEWS: जनपद जालौन के विकास खंड डकोर क्षेत्र में पड़ने वाली ग्राम पंचायत ऐरीरमपुरा जो कि जनपद जालौन की अलग ही विकास के नाम पर ग्राम पंचायत नजर आती है।जिसकी भनक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लगते ही उन्होंने खुद गांव पहुंच कर निरीक्षण किया तथा के विकास से खुश होकर मुख्यमंत्री ने राममनोहर लोहिया सशक्तिकरण से पुरुस्कृत कर दो लाख रुपये एवं राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में पांच लाख रूपये भेंट किये थे यह राष्ट्रीय पुरस्कार देश की सबसे विकसित ग्राम को दिया जाता है।ग्राम पंचायत ऐरीरमपुरा सभी सुविधाओं से विकसित से जिसका पूरा श्रेय ग्राम प्रधान ओमकार पाल को दिया जाता है ग्राम का पंचायत भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है तो वहीं पर जूनियर हाईस्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, बच्चों के खेलकूद का मैदान भी ब्यवस्थित है।पंचायत भवन के चारों ओर फलदार व छायादार सैकड़ों की संख्या में पेड़ भी लगवाये है जिनकी सेवा स्वयं प्रधान ओमकार पाल द्वारा कर उन्होंने पाल पोस कर बड़ा करने काम किया है जिसका आनंद ग्रामीणों को उठाने को मिल रहा है। अभी हाल ही में गांव के अंदर 16 शैय्याओं का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी बनकर तैयार हो चुका है जिससे गांव के मरीजों को अब उपचार के लिए मुख्यालय व ब्लाक डकोर नहीं जाना पड़ेगा यह भी ग्राम प्रधान ओमकार पाल के अथक प्रयास का ही नतीजा है।इससे पहले ओमकार पाल की पत्नी गिरनी देवी पाल पांच साल प्रधान रही है जिन्होंने भी गांव के विकास में लगन और मेहनत के साथ विकास करवाया इसी का नतीजा यह निकला कि दूसरी बार गांव के प्रधानी चुनाव में गांव के मतदाताओं ने ओमकार पाल को भारी मतों से विजयी बनाकर गांव के विकास की बागडोर सौपी जिन्होंने भी अपनी पत्नी के विकास कार्यों को और अधिक आगे बढ़ा कर जनपद की ग्राम पंचायतों में ऐरीरमपुरा ग्राम पंचायत को विकास के नाम पर प्रदेश में उच्च स्थान कर दिखाया।प्रधान ओमकार पाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 2021–2022 में 11 लाख रूपये का पुरस्कार दिया गया था।उन्होंने बताया कि गांव में सरोवर तालाब का निर्माण करवाया जा चुका है जिसके चारों ओर लगभग दो हजार वृक्ष लगाये जा चुके है जिनमें फलदार व छायादार वृक्ष है जो काफी बड़े हो चुके है।उन्होंने कहा कि अगर गांव की जनता ने मौका दिया तो गांव को मुख्यालय की तरह सजाने का काम कर दिखायेंगे यह उनके दिल में जज्बा है विकास कराने का।