राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने जीएसटी दरों में कमी को मोदी सरकार की घबराहट दिया करार
PRATAPGARH NEWS: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने मोदी सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कमी के फैसले को भ्रष्टाचार तथा मंहगाई व कमजोर विदेश नीति की घबराहट में उठाया गया मजबूरी भरा कदम कहा है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी को जीएसटी दरों में सुधार के नाम पर स्वदेशी को लेकर राष्ट्र को अपने संबोधन में आठ वर्षो तक इस भयंकर लूट के लिए देश की जनता के सामने अपनी भूल स्वीकार करने का नैतिक साहस दिखलाना चाहिए था। उन्होने कहा कि जीएसटी के नाम पर पहले मोदी सरकार ने चार गुना टैक्स बढ़ाया। उन्होने कहा कि अधिकांश खासकर विपक्ष शासित राज्यों ने भी जीएसटी में कमी का दबाव बनाया। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी ने बड़ी चालाकी से अब चार गुना बढ़े जीएसटी का दाम आधा कर इसे बचत उत्सव का तकमा दे रहे हैं। उन्होने कहा कि सही तो यह है कि पचास लाख करोड़ से ज्यादा जीएसटी के नाम पर हुई लूट को लेकर यह जनता के सामने भाजपा का लूट उत्सव को ही बेनकाब कर रहा है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री आधी रात को जीएसटी बढ़ाने के अपने गलत फैसले को लेकर अभी भी न तो अपनी भूल स्वीकार कर रहे हैं और न ही जनता के सामने प्रायश्चित करने का नैतिक साहस दिखला पा रहे हैं। उन्होनें कहा कि जीएसटी के गब्बर टैक्स से देश के तमाम लघु और मध्यम उद्योग बंद हो गये। उन्होने मोदी सरकार पर तंज कसा कि क्या जनता रोजगार छिनने और भारी भरकम टैक्स के बोझ का बर्बादी उत्सव मनाये? उन्होने कहा कि कड़वा सच यह है कि अभी भी जीएसटी की दरों में दोगुना बढ़ोत्तरी बरकरार है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार का ध्यान अभी भी सिर्फ इस टैक्स के जरिए चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का ही है। उन्होने कहा कि विपक्ष के सुझाव को अमल में रखते हुए सरकार को जीएसटी का सुधार कर कटौती के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने वाला होना चाहिए। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि कागज पर टैक्स की भारी बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। उन्होने कहा कि इससे छात्रों व युवाओं को किताबों के अध्ययन में असुविधा बढ़ेगी। उन्होने कहा कि देश की जनता यह भलीभांति समझ रही है कि उसे दवाओं तथा कफन तक में जीएसटी के टैक्स का दर्द झेलना पड़ा है। उन्होने कटाक्ष किया कि पीएम मोदी में ही इतना साहस हो सकता है कि पहले देश की गरीब और मध्यम वर्ग की जनता पर जीएसटी का बोझ डाले। उन्होने कहा कि बाद में दरों में आधा कमी कर बचत उत्सव का स्वांग रच सके। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री को इस समय इस बात की जरूरत है कि वह कहीं से भी आत्मबल और आत्मविश्वास तथा साहस को वापस लायें। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि पीएम को विदेश नीति में सुधार पर नसीहत लेते हुए अमेरिका तथा चीन व रूस के सामने देश का पक्ष मजबूती से रखने में अब कतई विलम्ब नहीं करना चाहिए। वहीं राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने नवरात्र पर राष्ट्र के कल्याण व मजबूती को लेकर मां विंध्याचल धाम में मत्था टेका। उन्होने देवी मां का पूजन अर्चन करते हुए रामपुरखास के लोकमंगल की भी कामना की। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी का बयान सोमवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।







