Home उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आई0जी0आर0एस0 की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आई0जी0आर0एस0 की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न

जिलाधिकारी ने आईजीआरएस समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर दिया जोर–जिलाधिकारी

BHADOHI NEWS: मंगलवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में आईजीआरएस मुख्यमंत्री संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ, तहसील दिवस संदर्भ सहित अन्य संदर्भों के सापेक्ष निस्तारित एवं लम्बित शिकायतों/प्रकरणों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुयी। बैठक में डिफाल्टर श्रेणी व असंतुष्ट फीडबैक से सम्बन्धित अधिकारियों को जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अपेक्षित सुधार का निर्देश दिया। आईजीआरएस समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहां कि जिन विभागों में शत प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक है उन विभागों के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनसंवाद दिवस पर शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर उनकी समस्याओं का निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक कराए। उन्होंने कहा कि ऐसे ही पूरे मनोयोग से कार्य करें, जिससे जनपद की रैंक अच्छी बनी रहे। यह भी कहे कि शिकायतों को अधिकारी कटेगरी वाईज कर सही ढंग व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान एक्सईएन विद्युत के 08 संदर्भ में सही आख्या रिपोर्ट न लगाने व असंतुष्ट फीडबैक 18 प्रकरण होने साथ ही बैठक में अनुपस्थित होने पर, कार्य में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस के साथ शासन को पत्र लिखने को संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया। तहसीलदार भदोही के लंबित प्रकरण अधिक होने पर असंतुष्ट फीडबैक के 85 प्रकरण होने पर तहसीलदार भदोही का वेतन रोकने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया, साथ ही स्वस्थ विभाग की सबसे ज्यादा सी श्रेणी के 11 प्रकरण लंबित होने पर व सही रिपोर्टिंग न करने पर नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रमुख सचिव को पत्र लिखने का निर्देश संबंधित अधिकारी को दिया।जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकांश शिकायतों का, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ता को वार्ता कर संतुष्ट करने के उपरान्त ही आख्या अपलोड की जाए। केवल वे ही शिकायत स्पेशल क्लोज़ की जाए, जो पोर्टल पर उपलब्ध स्पेशल क्लोज़ की श्रेणी में आती हो। गलत फ्लैग लगाकर स्पेशल क्लोज़ करने पर कार्यवाही की जाएगी।  प्रायः यह देखा जा रहा है कि जनपद स्तर से एक ही शिकायत को कई बार फीड किया जा रहा है एवं एक ही मोबाईल नंबर से अलग अलग शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। विश्लेषण में यह भी पाया गया है की मोबाईल नंबर शिकायतकर्ता का न होकर किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति का है। जिस अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत है उसी से जांच कदापि न कराई जाए। यह भी समीक्षा कर लें की उनके यहाँ किस क्षेत्र या किस विभाग शिकायत श्रेणी मे सर्वाधिक शिकायतें आ रही हैं और उसका निराकरण कराएं। उदहारणर्थ कतिपय जनपदों में प्रमाणपत्र बनाने के संबंध में अधिक शिकायत दर्ज हो रही हैं।
पूर्व में दिए गए निर्देश के क्रम में जनपद स्तर से निस्तारण की गुणवत्ता का क्रॉस वेरीफिकेशन करने के उपरान्त ही आख्या अपलोड या स्पेशल क्लोज की कार्यवाही की जाए।
        जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निरस्तारण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी फरियादियों/शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के प्रति बेहद गम्भीर है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करके रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के डिफाल्टर होने व निस्तारित शिकायतों की खराब गुणवत्ता पाये जाने पर कुछ विभागीय अधिकारियों को इसमें सुधार लाने की कड़ी चेतावनी दिया, कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिये कि निस्तारण की गुणवत्ता खराब होने के कारण उच्च स्तर से शिकायतें पुनः वापस आ जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता का पक्ष भी अवश्य सुना जाए और सदंर्भाे के निस्तारण के परिणाम से भी शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए। क्योंकि शिकायतकर्ता की संतृष्टि ही संदर्भाे का निस्तारण का मूल लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों से  कहा कि आईजीआरएस का पैरामीटर बदल गया है असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों को सही ढंग से निस्तारण कराए।
इस अवसर पर  अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय नारायण सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष कुमार चक, डीडीओ ज्ञानप्रकाश, डीसी मनरेगा राजाराम, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय मिश्रा, समस्त उप जिलाधिकारी, ईडीएम आशुतोष श्रीवास्तव एवं संबंधित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।