PRAYAGRAJ NEWS: भारतीय किसान यूनियन द्वारा लेंडियारी विद्युत उपकेंद्र लेंडियारी के जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन पर आरोप लगाया गया जिस बाबत किसान यूनियन ने धरना प्रदर्शन कर विरोध भी जताया गया था। भारतीय किसान यूनियन के प्रयागराज जिला महासचिव एवं अधिवक्ता संकल्प सिंह सिब्बू ने धरना प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाते हुए बताया था कि जूनियर इंजीनियर अपने आपको पूर्वांचल विद्युत विभाग के एमडी का रिश्तेदार बताते हैं और लाइनमैन नारेंद्र कहीं पर लाइन जोड़ने के लिए अतिरिक्त धनराशि (उदाहरण स्वरूप 1000 रुपए) की माँग करता है। जब पैसे मिलते हैं तभी लाइन जोड़ता है न मिलने पर झांसा देकर निकल जाता है। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि उस वीडियो में कुछ तथ्य मौजूद नहीं थे।इन आरोपों को लेकर विभाग समेत क्षेत्र में हलचल सी मची हुई है। किसान नेता ने बताया कि आगामी जिला पंचायत सदस्य चुनाव में बतौर प्रत्यासी किसान नेता को जन समर्थन भी भरपूर मिल रहा है जिससे विरोधियों के छक्के छूट रहे हैं। इन्हीं सब तथ्यों के मद्देनजर विरोधियों द्वारा क्षेत्र समेत कुछ हिंदी दैनिक अखबारों के माध्यम से छवि धूमिल करने के नियत से हिस्ट्री सीटर जैसे संगीन आरोप लगाते हुए नरेटिव फैलाया जा रहा है जिससे आगामी चुनाव में नुकसान पहुंचाया जा सके। क्षेत्रीय किसानों का कहना है, किसान नेता संकल्प सिंह सिब्बू एक अधिवक्ता के साथ साथ समाजसेवी, व्यापारी, किसान नेता एवं संभ्रांत लोगों में शुमार हैं। किसान नेता बिना किसी भेदभाव के हर समाज के लोगों की मदद के लिए हमेशा खड़े मिलते हैं और यथासंभव मदद भी करते हैं। क्षेत्र में जानकारी प्राप्त की जाय तो इनकी दरियादिली की अनेकों उदाहरण मिल जाएंगे। मिली जानकारी के मुताबिक हाल में ही जारी,गौरा पॉवर हाउस के जूनियर इंजीनियर अभय यादव की कार्यशैली को लेकर भारतीय किसान यूनियन संग किसान नेता ने वाराणसी में पूर्वांचल एमडी से मिलकर शिकायत करते हुए ज्ञापन सौंपा था जिसमें उच्चाधिकारी द्वारा न्यायोचित कार्रवाई करते हुए जे ई अभय यादव का हस्तांतरण कर दिया गया और नए जे ई अमरेश कुमार को कार्य भार का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। कुछ समर्थकों का कहना है कि,किसान नेता के बढ़ते कद को देखते हुए आए दिन विरोधियों द्वारा जालसाजी करना और झूठे आरोप लगाकर छवि धूमिल की जा रही है। अखबार एवं पत्रकारिता की गरिमा को तार तार करने,बिना किसी ठोस सबूत के अधिवक्ता पर गंभीर आरोप सिद्ध करने इत्यादि को लेकर किसानों और समर्थकों द्वारा माननीय न्यायालय एवं सूचना व प्रसारण विभाग का ध्यान आकृष्ट कराते हुए दंडात्मक कार्रवाई की माँग की है जिससे भविष्य में किसी पर झूठा आरोप लगाकर बदनाम न किया जाए।







