DEHLI NEWS: (मुख्य संवाददाता) एक्सएलआरआई ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस-1 पैंथियन सोरबॉन, यूनिवर्सिटी ऑफ बोर्डो, यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस नानटरे के यूनेस्को चेयर, डेनिश कंसोर्टियम फॉर एकेडमिक क्राफ्ट्समैनशिप और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन कंसोर्टियम ऑफ यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण बहु-देशीय सहयोग का ऐलान किया है। यह सहयोग शैक्षणिक प्रोग्राम, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन और रिसर्च गतिविधियों को शामिल करता है। इस अवसर पर इंडिया हबिटैट सेंटर, नई दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक्सएलआरआई की ओर एस जे फ्र. नेल्सन ए. डी’सिल्वा (अभिनिर्वाही निदेशक, दिल्ली-एनसीआर कैंपस), प्रोफेसर संजीव वार्ष्णेय, फ्र. एल्विन रोड्रिग्ज (एडमिनिस्ट्रेटर) और डॉ. संतोष सांगेम (इंटरनेशनल रिलेशंस और कोलैबोरेशन के चेयरपर्सन) उपस्थित थे। विदेशी विश्वविद्यालयों की ओर से डॉ. एरिक लामार्क (डीन, आईएई पेरिस सोरबॉन बिजनेस स्कूल), डॉ. अल्बर्टो अरुबुलु (एमबीए प्रोग्राम्स के डायरेक्टर और इंटरनेशनल ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर, आईएई बोर्डो), प्रो. माइकल क्रिस्टेंसन (इंटरनेशनल रिलेशंस हेड, आईबीसी इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल), डॉ. जॉर्ज कार्डोसो (यूनेस्को चेयर, यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस नानटरे और आईआईई कंसोर्टियम के चांसलर) और डॉ. अश्वनी गोयल (डायरेक्टर, आईआईई कंसोर्टियम) शामिल थे। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया और इस सहयोग से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। सम्मानित अतिथियों ने इन सहयोगों की अहमियत पर जोर दिया और इसे शिक्षा के क्षेत्र में भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जैसा कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने बार-बार रेखांकित किया है। इस लंबे समय तक चलने वाले सहयोग का लक्ष्य भारतीय छात्रों और उद्योग पेशेवरों को उच्च स्तरीय शिक्षा और वैश्विक अनुभव उपलब्ध करना। इसके तहत उद्योग-प्रासंगिक सीखने के अनुभव तैयार किए जाते हैं, जो छात्रों और पेशेवरों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार सक्षम बनाते हैं। इन पहल का अंतिम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय छात्रों के पास उच्च गुणवत्ता, किफायती, उद्योग-प्रासंगिक और अनोखी सीखने की सुविधाएँ हों, ताकि वे उद्योग में सार्थक योगदान दे सकें। इन सहयोगों पर विचार-विमर्श और गतिविधियाँ लगभग दो साल से चल रही हैं। इस दौरान कई उद्योग-प्रासंगिक विशेषज्ञता डिग्रियों की पहचान और डिजाइन की गई है, जिन्हें 2025-26 में पूर्णकालिक और अंशकालिक शैक्षणिक प्रोग्राम्स के साथ-साथ एग्जीक्यूटिव एजुकेशन ऑफरिंग्स के रूप में पेश किया जाएगा। बोर्डो स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में एमबीए प्रोग्राम्स के निदेशक, डॉ. अल्बर्टो अरुबुलु ने लंबे समय से तैयार हो रहे इस सहयोग की स्थापना पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस सहयोग को साकार करने में पिछले दो वर्षों में एक्सएलआरआई, बोर्डो और आईआईई कंसोर्टियम की टीमों के महत्वपूर्ण प्रयासों के लिए धन्यवाद् दिया। डेनिश कंसोर्टियम फॉर अकादमिक क्राफ्ट्समैनशिप का प्रतिनिधित्व करते हुए, प्रोफेसर माइकल क्रिस्टेंसन, इंटरनेशनल रिलेशनशिप हेड, आईबीसी इंटरनेशनल बिजनेस कॉलेज, ने एक्सएलआरआई के साथ उद्यमिता प्रोग्राम्स, ग्लोबल प्रोग्राम्स और व्यवसाय-कौशल आधारित प्रोग्राम्स के सह-निर्माण और डिलीवरी में सहयोग करने का अवसर मिलने पर अपनी उत्सुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सहयोग भारतीय प्रबंधन पेशेवरों और उद्योग की विशिष्ट जरूरतों को अनूठे ढंग से पूरा करेगा। आईआईई कंसोर्टियम के चांसलर और यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस-नैंटेर के यूनेस्को चेयर, डॉ. जॉर्ज कार्डोसो ने इस गठजोड़ की प्रगति और भारतीय प्रबंधन शिक्षा में पहली बार इस तरह के महत्वपूर्ण सहयोग को बनाने में डॉ. अश्वनी गोयल और सदस्य संस्थानों की टीमों द्वारा किए गए व्यापक प्रयासों को देखकर अपनी खुशी जताई। एक्सएलआरआई जमशेदपुर के निदेशक, फादर जॉर्ज सेबास्टियन, जो कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, ने इस सहयोग की सफलता के लिए शुभकामनाएँ और प्रोत्साहन प्रकट किए भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए यह सहयोग कैसे फायदेमंद है
एक्सएलआरआई, सॉरबोन, बॉर्डो और डीसीएसी द्वारा तैयार किए गए सहयोगी प्रोग्राम भारतीय छात्रों को वैश्विक अनुभव प्राप्त करने का एक अनोखा अवसर देते हैं। इन प्रतिष्ठित संस्थानों की ताकत, उच्च गुणवत्ता वाले फैकल्टी और इंडस्ट्री कनेक्ट के साथ मिलकर छात्रों को प्रबंधन की बुनियादी जानकारी के साथ-साथ विशेष क्षेत्रों में उन्नत अनुप्रयोग सीखने का मौका मिलता है, जैसे कि हेल्थकेयर मैनेजमेंट, फैमिली बिजनेस, डिजिटल बिजनेस और कंसल्टिंग।
सॉरबोन और बोर्डो जैसे मान्यता प्राप्त फ्रांसीसी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों से मिलने वाली श्डिप्लोमा नेशनलश् डिग्रियाँ आधिकारिक राष्ट्रीय डिग्रियाँ हैं। इन्हें सभी ईयूध्ईईए देशों के साथ-साथ अधिकांश ओईसीडी और कॉमनवेल्थ देशों में भी मान्यता प्राप्त है। ये डिग्रियाँ कार्य वीजा के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं को पूरा करती हैं, जैसे कि ईयू ब्लू कार्ड, यूके का स्किल्ड वर्कर वीजा, या कनाडा का एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम।
ये डिग्रियाँ अधिकांश राष्ट्रीय डेटाबेस में पंजीकृत हैं, आसानी से ट्रेस की जा सकती हैं और दूतावासों तथा इमीग्रेशन अधिकारियों द्वारा आसानी से सत्यापित की जा सकती हैं। अधिकांश ईयू वीजा सिस्टम में इन्हें अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती। सॉरबोन और बोर्डो की डिग्रियाँ देशों के बीच योग्यताओं के मूल्यांकन में उच्च अंक प्राप्त करती हैं।







