AURAIYA NEWS: जनपद में यमुना नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते अजीतमल तहसील क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। कोटा बैराज और हथिनी कुंड से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के कारण नदी उफान पर है, जिससे गौहानी कलां संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है और आवाजाही बाधित हो गई है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर मार्ग पार कर रहे हैं, वहीं आसपास के गांवों-सिकरोड़ी, जुहीखा, बडेरा और ततारपुर कलां-में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जलमग्न खेतों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें तबाह हो चुकी हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को सतर्क किया गया है, और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। बाढ़ चौकियों, आश्रय स्थलों और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।उपजिलाधिकारी अजीतमल निखिल राजपूत और तहसीलदार अविनाश कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उप जिलाधिकारी के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर 112 के लेवल पर बह रहा है अभी तक यमुना नदी के किनारे गांव में सामान्य स्थिति बनी हुई है। गौहानी कला गांव के आवागमन के लिए नाव का इंतजाम कर दिया गया है बाढ़ चौकियों पर राजस्व विभाग की टीम तैनात कर दी गई। तहसील प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।







