Home उत्तर प्रदेश हर्षोल्लास से मना ईद-ए-मिलादुन्नबी का त्यौहार, सौहार्द पूर्वक सम्पन्न हुआ जुलूस

हर्षोल्लास से मना ईद-ए-मिलादुन्नबी का त्यौहार, सौहार्द पूर्वक सम्पन्न हुआ जुलूस

PRATAPGARH NEWS: जनपद के कुण्डा क्षेत्र में शुक्रवार को ईद-ए-मिलादुन्नबी (बरा रबीउल अव्वल) का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस दिन को पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया। इस बार पैगम्बर साहब का 1500वां जन्मदिन मनाया गया, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक जोश और उत्साह का माहौल रहा। त्यौहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संजय राय (IPS), क्षेत्राधिकारी कुण्डा अमरनाथ गुप्ता और कुण्डा कोतवाल अवन कुमार दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकला यह जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन की सतर्कता सराहनीय रही। कुण्डा क्षेत्र में ईद-ए-मिलादुन्नबी का जुलूस हर साल की तरह इस बार भी भव्य रूप से निकाला गया। चिकवनटोला सहित विधानसभा बाबागंज और कुण्डा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग अंजुमन रज़ा-ए-मुस्तफा कमेटी के बैनर तले जुलूस में शामिल हुए। सफेद और हरे झंडों के साथ कतारबद्ध होकर बच्चे, युवक और बुजुर्ग नबी-ए-पाक की याद में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। जुलूस चिकवनटोला गांव से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए कुण्डा मस्जिद-ईदगाह तक पहुंचा। रास्ते भर जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। कहीं शर्बत पिलाने की व्यवस्था थी तो कहीं मिठाई और पानी से लोगों की खिदमत की गई। छोटे-छोटे बच्चे हाथों में हरे झंडे लेकर जुलूस का अभिनंदन कर रहे थे। हरे झंडों और रोशनियों से सजी गलियां किसी बारात की तरह जगमगा रही थीं। डीजे और नात-ए-शरीफ की गूंज से माहौल पूरी तरह से भक्ति और आस्था में डूबा नजर आया। जुलूस का दृश्य इतना मनमोहक था कि आसपास के गांवों से लोग बड़ी संख्या में इसे देखने और इसमें शामिल होने पहुंचे। उत्साह और आस्था के इस संगम ने पूरे क्षेत्र में भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया। जुलूस जब करेंटी रेलवे फाटक से होते हुए कुण्डा ईदगाह पहुंचा तो वहां सलाम और कुरानखानी का आयोजन किया गया। इस दौरान रज़ा-ए-मुस्तफा कमेटी की ओर से विभिन्न गांवों से आए जुलूस के टीम प्रमुखों को सम्मानित किया गया। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर अमन और भाईचारे का संदेश दिया। ईद-ए-मिलादुन्नबी के इस पवित्र अवसर पर दुआओं के साथ मुल्क और कौम की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली की प्रार्थना की गई। यह त्यौहार जहां धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, वहीं सामाजिक एकता और भाईचारे का भी अद्भुत उदाहरण बना। कुण्डा की गलियों से निकलकर ईदगाह तक पहुंचा यह विशाल जुलूस आने वाले समय में लोगों को हमेशा मोहब्बत, भाईचारे और सामाजिक एकता की याद दिलाता रहेगा। ईद-ए-मिलादुन्नबी का यह पर्व सचमुच प्रतापगढ़ की गंगा-जमुनी तहज़ीब और धार्मिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण साबित हुआ।