Home उत्तर प्रदेश ग्राम न्यायालयों की उपयोगिता पर इटवा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

ग्राम न्यायालयों की उपयोगिता पर इटवा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

SIDHARTHNAGAR NEWS: आम जनता को सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तहसील स्तर पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को तहसील इटवा के सभागार में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर माननीय जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर के दिशा-निर्देश पर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), बीरेन्द्र कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने ग्राम न्यायालय इटवा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छोटे-मोटे मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर कैसे निस्तारित किया जा सकता है। उन्होंने इसके लाभ भी विस्तार से समझाए। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव कटियार ने ग्राम न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र, खासकर फौजदारी मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेन्द्र नाथ ने तहसील स्तर पर चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया और ग्राम न्यायालय का ग्रामीण स्तर पर होने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने 13 सितंबर, 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता अभियान के साथ ही नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की भी जानकारी दी। शिविर में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अश्वनी कुमार मिश्र ने ग्राम न्यायालयों में दीवानी और फौजदारी मामलों को दाखिल करने की प्रक्रिया, क्षेत्राधिकार और अपील के तरीकों के बारे में बताया। वहीं, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल फराज अहमद ने ग्राम न्यायालयों की आवश्यकता और उद्देश्यों को विस्तार से समझाया।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी इटवा करमेंद्र कुमार, तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार राघवेंद्र पाण्डेय, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष एस.पी. सिंह सहित कई गणमान्य अधिवक्ता और आमजन मौजूद रहे। कार्यक्रम में पराविधिक स्वयंसेवक अंकित श्रीवास्तव और श्रवण कुमार मिश्र ने भी भागीदारी की।