Home उत्तर प्रदेश गिरते गिरते अली का नाम लिया मेरे मौला ने मुझको थाम लिया

गिरते गिरते अली का नाम लिया मेरे मौला ने मुझको थाम लिया

महफ़िल में कलाम पेश करते राहिल सग़ीर व सम्मानित करते संयोजक राहत अक़ील

शरीफ मंज़िल में ईद ए ज़हरा पर हुआ महफ़िल का आयोजन

ETAWA NEWS: स्थानीय सैदवाड़ा स्थित शरीफ मंज़िल में राहत अक़ील, शब्बर अक़ील की ओर से ईद ए ज़हरा के खुशनुमा मौके पर महफ़िल का आयोजन मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा की सरपरस्ती एंव संचालन में किया गया। महफ़िल का शुभारम्भ मौलाना अनवारुल हसन जैदी ने कुरान की तिलावत से किया और ईद ए ज़हरा क्यों मनाई जाती है इस पर रोशनी डालकर देश में अमनचैन के साथ आपसी भाईचारे के साथ रहने का सन्देश दिया। महफ़िल में सलीम रज़ा ने कहा असहाब थे क्या बू ज़रो सलमान वगैरा, जो बन गये इस्लाम की पहचान वगैरा। तनवीर हसन ने कलाम पेश करते हुए कहा कि मिट गए हलक पे तलवार चलाने वाले, अब भी जिंदा हैं मोहम्मद के घराने वाले। सफीर हैदर ने कहा कहते शब्बीर है उसे शब्बर भाई है, मां फ़ातिमा ज़हरा और बाप अली है दादा इमरान हैं। शब्बीर वारसी उर्फ सचिन ने कहा कोई नबी नहीं है मेरे मुस्तफा के बाद, शेरे खुदा नहीं है कोई अली मुर्तजा के बाद। आबिद रज़ा ने कहा ईद ए ज़हरा मनाने आया हूं अपना ईमान बताने आया हूं, जिसने जहरा का दर जलाया था उसका पुतला जलाने आया हूं। राहिल सग़ीर ने कहा गिरते गिरते अली का नाम लिया मेरे मौला ने मुझको थाम लिया, काम लेती है सब्र से दुनिया मेरे मौला ने सब्र से काम लिया। महफ़िल में सलीम रज़ा, अख्तर अब्बास रिज़वी, अश्शू रिज़वी, मौलवी ताबिश रिज़वी, सलमान रिज़वी, तालिब रिज़वी, कैफ वारसी, तालिब रज़ा, मोहम्मद सादिक़, मो. इब्राहीम, अर्श, मोहम्मद आदि ने बेहतरीन कलाम पेश किए। महफ़िल के संयोजक राहत अक़ील ने मोहर्रम और चेहलुम की मज़लिसों में अहम भूमिका निभाने वाले लगभग तीन दर्जन लोगों को सम्मानित किया। महफ़िल में हाजी अरशद मरगूब, शावेज़ नक़वी, तहसीन रज़ा, मो. अब्बास, मो. मियां, हसन अब्बास, सुहेल अली, मुशीर हैदर, जहीर अब्बास, अयाज हुसैन, शारिक सग़ीर शानू, रानू, शाद अली हसन, आतिफ एड., जीशान हैदर, समर सग़ीर, शारिब नक़वी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर ईद ए ज़हरा का जश्न मनाया।