MIRZAPUR NEWS: पत्रकारिता की दुनिया में कई नाम आते-जाते रहते हैं, लेकिन मीरजापुर जिले की मिट्टी में एक ऐसा नाम दर्ज है जो हर लफ़्ज़ में बिजली-सी गूंज पैदा कर देता है। हम बात कर रहे है मीरजापुर के वरिष्ठ पत्रकार सलिल पाण्डेय की। सलिल पाण्डेय सिर्फ़ पत्रकार नहीं, बल्कि सच्चे कलम के सिपाही हैं। इनकी पहचान यही है कि जब किसी पर मुसीबत आती है तो सबसे पहले इनकी कलम जाग जाती है। चाहे आम आदमी हो या कोई पत्रकार,हर किसी की परेशानी को ये अपना दर्द मानकर लड़ाई छेड़ देते हैं। कलम की धार, स्याही की तलवार सलिल पाण्डेय जी पहचान बन चुकी है। कहा जाता है कि हथियारों से लड़ाई होती है, लेकिन सलिल पाण्डेय की लड़ाई उनकी कलम से होती है। इनके लिखे शब्दों से अधिकारियों की नींद उड़ जाती है। मुद्दा उठाते ही फाइलें दौड़ने लगती हैं। नेताओं और अफ़सरों तक आवाज़ पहुँच जाती है। यह वही पत्रकार हैं जिन्होंने जिला चिकित्सालय बैरिस्टर यूसुफ इमाम में महिला की लापरवाही से हुई मौत का मामला मंडलायुक्त तक पहुँचाया था। तब से लेकर आज तक वहाँ लापरवाही का नामोनिशान नहीं हैं। सलिल पाण्डेय की कलम का असर इतना है कि जिले का हर अधिकारी, हर मंत्री और हर विधायक इनकी बात को गंभीरता से लेते है। कोई गरीब अपनी समस्या लेकर पहुँचे तो तुरंत अफसरों से वार्तालाप करते है। कोई पत्रकार संकट में हो तो सबसे पहले यही आवाज़ उठाते हैं। और अगर कहीं अन्याय दिख जाए तो सलिल पाण्डेय जी की कलम बिना देर किए आग बरसाने लगती है। मीरजापुर में सलिल पाण्डेय पत्रकार समाज का आईना हैं। गलत देखकर चुप नहीं बैठते, सच देखकर लिखते हैं और झूठ देखकर भिड़ जाते हैं। सलिल पाण्डेय जिले की पत्रकारिता का वो नाम हैं, जिनकी कलम से इंसाफ़ बरसता है और जिनकी स्याही से जनता की आवाज़ बुलंद होती है।







