Home उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ पुलिस का अगस्त ऑपरेशन : अपराधियों पर शिकंजा, प्रदेश में पहले...

प्रतापगढ़ पुलिस का अगस्त ऑपरेशन : अपराधियों पर शिकंजा, प्रदेश में पहले पायदान पर

PRATAPGARH NEWS: अगस्त माह प्रतापगढ़ पुलिस के लिए सिर्फ एक और कैलेंडर का महीना नहीं रहा, बल्कि अपराधियों के लिए यह एक दहशत और कानून के शिकंजे का दौर साबित हुआ। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान ने यह साबित कर दिया कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर ही व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। सात मुठभेड़, पंद्रह अपराधी घायल व गिरफ्तार- जिले में अगस्त के दौरान सात बड़ी मुठभेड़ें हुईं। इनमें 15 अपराधी घायल/गिरफ्तार किए गए। इन मुठभेड़ों में प्रयागराज और आस-पास के जिलों के अपराधियों का नेटवर्क भी उजागर हुआ। बरामद हथियार, मोटरसाइकिलें और लूट के माल ने साफ किया कि ये गिरोह संगठित अपराध की तैयारी कर रहे थे।
इनामी अपराधियों पर शिकंजा- इस महीने पुलिस ने 13 इनामी अपराधियों को धर दबोचा। इनमें से 50-50 हजार रुपये के चार और 25-25 हजार रुपये के नौ अपराधी शामिल थे। खास बात यह रही कि STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ दी।
अवैध संपत्ति पर गाज
मानिकपुर क्षेत्र के अंतर्राज्यीय गैंगलीडर की 1.49 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति—जिसमें मकान, दुकानें, मोटरसाइकिल और बैंक खाते शामिल हैं—कुर्क कर दी गई। इसके अलावा, कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर राजेश मिश्रा की संपत्ति भी गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत जब्त की गई।
गैंगस्टर एक्ट में प्रदेश में नंबर-1
प्रतापगढ़ पुलिस ने अगस्त में 37 अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत 11 मुकदमे दर्ज किए। अब तक जिले में कुल 87 गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हो चुकी है, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है। पुलिस का दावा है कि इसमें बीट पुलिस कर्मियों की सतर्कता और साहस ने अहम भूमिका निभाई।
गुंडा एक्ट व हिस्ट्रीशीट कार्रवाई
हत्या, लूट, छिनैती और गोवध जैसे अपराधों में शामिल 19 अपराधियों पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही हुई। इसके अलावा, 10 नई हिस्ट्रीशीट खोलकर पुलिस ने इन अपराधियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने की तैयारी की है।
आपरेशन कन्विक्शन : सजा दिलाने में सफलता
पुलिस और अभियोजन की सक्रिय पैरवी से अदालत ने चार अपराधियों को सात वर्ष से अधिक की सजा सुनाई। यह दर्शाता है कि पुलिस केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने तक मामले को अंजाम तक पहुंचा रही है।
साइबर अपराध पर रोक
साइबर थाना ने ऑनलाइन ठगी के शिकार 16 पीड़ितों को 2.94 लाख रुपये वापस कराए। यह कार्रवाई बताती है कि अब अपराधियों की दुनिया सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं, बल्कि मोबाइल और इंटरनेट तक फैली है—और पुलिस उसे भी चुनौती दे रही है।
ट्रैफिक व यूपी-112 की उपलब्धि
अगस्त में ट्रैफिक पुलिस ने 4906 चालान, 83 वाहन सीज और 760 नो-पार्किंग चालान किए। वहीं, यूपी-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम 5.12 मिनट पर आ गया, जो त्वरित पुलिस मदद की ओर बड़ा कदम है।
हथियारों पर भी कार्रवाई
हथियारों के दुरुपयोग पर पुलिस ने तीन शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए। तीन अलग-अलग थानों के अभियुक्तों के पास से लाइसेंसधारी बंदूकें व पिस्टलें जब्त हुईं।
खोजी सवाल : क्या अपराधी नेटवर्क पूरी तरह टूटा?
जिले की पुलिस ने आंकड़ों के हिसाब से सराहनीय सफलता हासिल की है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या ये अभियान अपराध की जड़ों को खत्म कर पाएगा?
मुठभेड़ों और गिरफ्तारियों के बावजूद नए अपराधी कैसे पैदा हो रहे हैं?
क्या अवैध संपत्ति जब्ती से उनके आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सका है?
और सबसे अहम, क्या पीड़ित आमजन को राहत का अहसास हो रहा है या नहीं?
एसपी का संदेश
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा
“प्रतापगढ़ पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अपराधियों के लिए यह सख्त संदेश है कि वे कानून से बच नहीं सकते, जबकि आमजन के लिए आश्वासन है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”