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उपजिला मजिस्ट्रेट, सदर के स्पष्ट आदेश के बावजूद नहीं हटाया गया सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण

42 वर्षों बाद आम रास्ते का अवरोध हटाने के विधिक निर्णय का पांच महीने से तहसील प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा अनुपालन

PRATAPGARH NEWS: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेजे गए शिकायती पत्र में ग्रामसभा सरायदली, सदर के ग्रामीणों ने न्यायालय श्रीमान उपजिला मजिस्ट्रेट सदर द्वारा सार्वजनिक आम रास्ते से अतिक्रमण/ अवरोध को हटाए जाने हेतु आदेशित/निर्देशित होने के बावजूद संबन्धित अधिकारियों द्वारा आदेश की अवमानना एवं उल्लंघन स्पष्ट रूप से किया जा रहा है। यह आदेश/ निर्णय 27 मार्च 2025 को हुआ था। पांच माह बीत जाने के बावजूद तहसील सदर, प्रतापगढ़ प्रशासन द्वारा नहीं हटाया गया अवरोध/ अतिक्रमण। आदेश के बाद से लगातार ग्रामसभा सरायदली, सदर के रास्ते के अवरोध से कठिनाई झेल रहे ग्रामीण उपजिला मजिस्ट्रेट सदर, जिलाधिकारी प्रतापगढ़, पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़, मुख्य राजस्व अधिकारी प्रतापगढ़ को अवरोध हटवाने हेतु प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। सभी से व्यक्तिगत मिलकर अतिक्रमण हटवाने की प्रार्थना भी कर चुके हैं। उक्त अधिकारीगण द्वारा अवरोध हटाने के आदेश की निरंतर अवमानना की जा रही है। गौरतलब है कि अतिक्रमित मार्ग के दोनों ओर गरीब किसानों व मजदूरों के छप्परदार व मिट्टी के घर हैं, जो अवरोध से होने वाले जलभराव से ढह रहे हैं। कई की दीवारें भरभराकर गिर भी चुकीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वर्षा की चेतावनी, आशंका व संभावना है। ऐसे में दुखद जन-धन-पशु हानि की बड़ी घटना हो सकती है। इसके लिए संबंधित अधिकारी व प्रशासन के लोग जिम्मेदार होंगे। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से अतिक्रमण/अवरोध हटाए जाने की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देने वालों में ग्राम सभा सरायदली सदर के प्रार्थी ग्रामीणों में पूर्व बाल न्यायाधीश, वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’, राम लवट, भगेलू राम, आत्माराम, रामकृपाल व प्रेमदास, श्रीराम, रामराज, वृजमोहन, शैलेन्द्र कुमार, राम मिलन आदि अन्य लोग शामिल हैं। जानकारी साहित्यकार डॉ दयाराम मौर्य “रत्न” ने दी।