सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू द्वारा बिर्गुआन में किया गया आयोजन
JHANSI NEWS: सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन, जम्मू ने गुरुवार तक सीएसआईआर-अरोमा मिशन-III के अंतर्गत “सुगंधित पौधों की खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाने” पर केंद्रित पाँच दिवसीय जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बिर्गुआन, झांसी (उत्तर प्रदेश) में किया। यह कार्यक्रम सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के निदेशक डॉ. जाबीर अहमद के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उद्घाटन डॉ. सभा जीत (प्रमुख वैज्ञानिक, सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू), संगीता श्रीवास्तव (कार्यक्रम समन्वयक, परमार्थ सेवा संस्था और अशुतोष यादव (ग्राम प्रधान, बिर्गुआन) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। संगीता श्रीवास्तव एवं अशुतोष यादव (ग्राम प्रधान, बिर्गुआन) ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. सभा जीत ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और वर्षा आधारित एवं कंडी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त औषधीय और सुगंधित फसलों की व्यावसायिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी। इस दौरान सीएसआईआर द्वारा विकसित प्रमुख किस्मों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में 65 से अधिक किसान और उत्पादक शामिल हुए, जिन्होंने सीएसआईआर की सुगंधित फसलों की तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई और अपने अनुभव भी साझा किए। प्रतिभागियों ने इन तकनीकों को अपनाने की उत्सुकता जताई। किसानों का पंजीकरण सीएसआईआर-आईआईआईएम के परियोजना सहायक सुभाष चंद्र बोस द्वारा किया गया। वहीं, परमार्थ सेवा संस्था, झांसी के क्लस्टर समन्वयक सुनील कुमार ने किसानों का समन्वयन किया और लेमनग्रास की खेती को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम का समापन अशुतोष यादव (ग्राम प्रधान, बिर्गुआन) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।







