शरीफ मंजिल में अशरा ए अरबईन की चौथी मजलिस हुई
ETAWA NEWS: स्थानीय सैदवाड़ा स्थित शरीफ मंजिल में राहत अक़ील व शब्बर अक़ील की ओर से अशरा ए अरबईन की दस दिवसीय मजलिसों की श्रंखला में चौथी मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मुजफ्फर नगर से आए मौलाना मुज़फ्फर हसनैन जैदी ने कहा रसूल ने कुरान को तन्हा नहीं छोड़ा और एलान किया कि मैं कुरान और एहलैबैत को छोड़कर जा रहा हूं, जिस घर मे कुरान नाजिल हुआ वही कुरान की एहमियत बताएगा। कुरान को एहलैबैत के बिना समझा नहीं जा सकता। कुरान को समझने के लिए एहलैबैत का दामन थामना होगा। मौलाना मुज़फ्फर हसनैन जैदी ने कहा जिसे नमाज में सुकून न मिले वो नमाज सुकून से पढ़े। इमाम हुसैन ने बताया कि जो सहाबी मुझे कर्बला में मिले वैसे सहाबी मेरे नाना रसूल अल्लाह को भी नहीं मिले। रसूल अल्लाह ने दिन में बुलाया तो नहीं आये और हमने रात के अंधेरे में जाने को कहा मगर नहीं गए। मजलिस में तसलीम रज़ा, तहसीन रज़ा, ज़हूर नक़वी ने सोजख्वानी की, अश्शू रिज़वी, सलमान रिज़वी, कैफ वारसी, तालिब रिज़वी, अर्श, मोहम्मद ने कलाम पेश किए और तनवीर हसन, कैफ वारसी ने नोहाख्वानी की। मजलिस में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, शावेज़ नक़वी, मुशीर हैदर, मो. मियां, मो. अब्बास, अयाज हुसैन, राहत हुसैन रिज़वी, नजमुल हसन, इबाद रिज़वी, सलीम रज़ा, सईद नक़वी, ताजदार हुसैन, आतिफ एड., जीशान हैदर, राहिल सगीर, शीलू, शाजू, सुहेल अली, शम्स अली हसन, शारिब नक़वी, जुनैद, सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।







