Home उत्तर प्रदेश काकोरी क्रिया राष्ट्रीय सोच और हुंकार : अनुपम

काकोरी क्रिया राष्ट्रीय सोच और हुंकार : अनुपम

काकोरी एक्शन आजादी की लड़ाई में मील का पत्थर : कुलसचिव

JHANSI NEWS: काकोरी एक्शन शताब्दी के अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में समापन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें अध्यक्षता अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. मुन्ना तिवारी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम जी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बुन्देलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव राज बहादुर, लोकभूषण से सम्मानित पन्नालाल असर तथा स्वदेशी जागरण मंच के कानपुर संयोजक सुदीप खरे का रहना हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीपप्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए मुख्य अतिथि अनुपम जी ने काकोरी क्रिया को राष्ट्रीय सोच और राष्ट्रीय हुंकार के रूप में याद किया। कुल सचिव ने काकोरी क्रिया को आजादी की लड़ाई में मील का पत्थर बताया। वहीं विशिष्ट अतिथि लोकभूषण पन्नालाल असर ने काकोरी लोक भावना की उपस्थिति जो राष्ट्रीय सोच से उत्प्रोत थी की व्यंजना के साथ उसे आगे बढ़ाया। संदीप खरे ने काकोरी क्रिया को क्रांतिकारी चेतना का एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उसकी महत्ता का गुणगान किया। अधिष्ठाता कला संकाय प्रो मुन्ना तिवारी ने काकोरी एक्शन को खड्यंत्र की संज्ञा देने पर अंग्रेजों और अंग्रेजी मानस से सजे हुए चिंतकों की आलोचना करते हुए बताया कि इस आंदोलन ने स्वाधीनता आंदोलन को उभार देने, उसे  धार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। कान्तिकारियों ने जीवन की परवाह किए बिना सत्ता से लड़ने का प्रयास था। काकोरी एक्शन कार्यक्रम में सुनीता वर्मा, डॉ.श्रीहरि त्रिपाठी, नवीन चंद्र पटेल, शैलेंद्र तिवारी, डॉ रामनरेश देहोलिया, आशुतोष शर्मा,अजय तिवारी, जोगेंद्र सिंह, सुश्री गरिमा, सुश्री रिचा सेंगर, डॉ.सुधा दीक्षित, मनीष, विशाल इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष दीक्षित ने किया। स्वागत डॉ.अचला पांडे और आभार प्रो.पुनीत विसरिया ने व्यक्त  किया।