JHANSI NEWS: वीरांगना कावड़ पदयात्रा बिठुर से प्राचीन शिव मंदिर महारानी लक्ष्मीबाई किला में वीरता और भक्ति का संगम बिठुर से झांसी तक की यात्रा इस प्रकार है। देवी श्रीजी मंजूलता ने वीरांगना कावड़ पदयात्रा प्रारंभ की। वीरांगना कांवड़ पदयात्रा सावन के महीने में विठुर से निकाली जा रही है, जिसमें भक्तजन नदी से जल भरकर जलाभिषेक करेंगे जब कांवड़िए शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे. कांवड़ यात्रा की शुरुआत भगवान शिव के भक्त रावण से मानी जाती है, जिन्होंने भगवान शिव को विष से बचाने के लिए गंगाजल भरकर कांवड़ यात्रा की थी. यह यात्रा भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है, और भक्तजन इसे एक धार्मिक कर्तव्य के रूप में निभाते हैं. 1 अगस्त को बिठुर से प्रारंभ होकर जगह-जगह उनका स्वागत किया जां रहा है रास्ते में सभी कावडियों की रुकने की व्यवस्था की गई है जो बिठुर से चलकर ,भोगनीपुर, उरई,एट , मोंठ एवं चिरगांव ,पारीक्षा, बड़ागांव से झांसी के लिए प्रस्थान करेगी झांसी में उनका जगह-जगह फूलमालाओं से स्वागत किया जाएगा। इसके बाद 8 अगस्त को महारानी लक्ष्मीबाई के किले में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक किया जायेगा। वीरांगना कावड़ यात्रा के माध्यम से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवाध्वज के साथ, हर हर महादेव और जय श्री राम के जयघोष करते हुए पदयात्रा में भाग लिया। महिलाओं, युवाओं, संतजनों एवं नगरवासियों की सहभागिता ने इस आयोजन को जनआंदोलन का रूप दे दिया। सभी शिव भक्तों को एडवोकेट ध्रुव सिंह राजपूत करगुवां सभी का सहयोग कर रहे हैं।





