SAHARANPUR NEWS: नागल श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन आचार्य बृजभूषण जी महाराज ने कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं, श्रद्धा, भाव व समर्पण जैसा होगा भगवान भी वैसा ही आशीर्वाद अपने भक्तों को देते हैं। उन्होंने कहा कि पूतना के मारे जाने पर कंस को यह भान हो गया था कि कृष्ण का वध करना उसके अपने जीवन के लिए जरूरी है। ऐसा सोचकर कंस ने बार-बार अनेकों राक्षसों को कृष्ण का वध करने को भेजा लेकिन वह सभी वहां जाकर मृत्यु को प्राप्त हुए। बाद में कंस ने उन्हें अपने यहां बुलाकर वध करने की योजना बनाई। कृष्ण बलराम के साथ मथुरा पहुंचे तो उन्हें हाथी के पैरों तले कुचलवाने का प्रयास किया। सभी प्रयास असफल होते देख कंस स्वयं कृष्ण का वध करने आया मगर तब भगवान कृष्ण ने उसका वध कर अपने माता-पिता वासुदेव व देवकी को बंदी ग्रह से छुड़ाया तथा वासुदेव का राज्याभिषेक किया। इस दौरान राजकुमार बंसल, राजेंद्र बंसल, राजीव त्यागी, आदेश बंसल, मुकेश चौधरी, पंकज त्यागी, सतीश चौधरी, बलबीर सिंह, राजेंद्र चौधरी, शुभांगी त्यागी, बिन्नी, नवीन बंसल, आदेश त्यागी, अजय अग्रवाल, मुकेश बंसल, मुकेश माहेश्वरी, सविता, मधु, संगीता, उषा, प्रियांशी, मीनाक्षी, परमाली, मोनिका आदि रहे।







