कजरी गायन में प्रेम,विरह,भक्ति और राष्ट्र भक्ति सम्मिलित:राजेश राव
KUSHINAGAR NEWS: उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्थान, लखनऊ संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कुशीनगर में सात दिवसीय होने वाले कजरी लोक गायन कार्यशाला का दूसरे दिन मंगलवार को शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा नेता संतोष सिंह व विषिट अतिथि मण्डल अध्यक्ष राजेश राव के द्वारा सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संतोष सिंह ने कहा कि कजरी विधा जिसमें घर परिवार के आपसी सम्बन्धों को जीवंत करती है तथा प्रेम राग की संवेदना को उभारती है
राजेश राव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से निकली कजरी एक विधा बन गई। कजरी गायन में प्रेम विरह भक्ति और राष्ट्र भक्ति सभी कुछ सम्मिलित हैं कजरी एक तरफ गांव के मजदूर किसान साधारण महिला को जोड़ता है तो दूसरी तरफ संगीत और गीत के बड़े आयोजनों से कहीं कहीं कजरी की स्वाधीनता अवलोकन से जुडी बड़ी घटनाएं भी है। प्रशिक्षक के रूप में लोक गायक धीरज राव ने बच्चों को कजरी बिधा के रूप में एक से बढ़कर एक गीत को सुनाया और पढ़ाया और बच्चों को कजरी के विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक मनीष कुमार सिंह करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय का सौभाग्य है कि ऐसे कार्यक्रम उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान द्वारा आयोजित किया गया है जिससे हमारे विद्यालय के बच्चों को शिक्षण के साथ संगीत सिखने का मौका मिला है। इस अवसर पर राजेश राव, मोनू ओझा, मोहसिन उर्फ बुलेट, कुंवर मद्धेशिया ,लालबहादुर चौहान, हरिशंकर मद्धेशिया, राजन गुप्ता, सतीश कुशवाहा ,अजित श्रीवास्तव, स्नेहा राव आरती प्रजापति, बबिता पासवान, नरगिस सिद्दिकी, मृदुला तिवारी ,दिलिप यादव प्रमोद राव, अनिल यादव आदि मौजूद रहे।







