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कर्बला में इमाम हुसैन व उनके साथियों को भूखा प्यासा शहीद किया गया:ज़ैदी

शहीदाने कर्बला के बीसवें पर हुआ मजलिसों का आयोजन

ETAWA NEWS: शहीदाने कर्बला के बीसवें पर मरहूम सगीरुल हसन रिज़वी द्वारा स्थापित मजलिस समर सगीर व राहिल सगीर की ओर से शरीफ मंज़िल सैदवाड़ा व समी रज़ा बुलाकी की ओर से पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े मजलिस आयोजित हुई। मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने मजलिसों में तक़रीर करते हुए कहा कि जुमे का दिन दिनों का सरदार है नमाज़े जुमा का बहुत बड़ा महत्व है। जुमे की नमाज में लापरवाही न बरती जाए। इमाम मेंहदी कहते हैं जहां मजलिस होती है वहां हम जरूर आते हैं। कर्बला में इमाम हुसैन से लेकर 6 माह के अली असग़र सहित किसी ने भी भूख का शिकवा नहीं किया, सिर्फ पानी जरूर मांगा मगर वो भी नहीं दिया गया। कर्बला में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को तीन दिन की भूख प्यास में शहीद कर दिया गया। इमाम हुसैन की बेटी जनाबे सकीना ने जब पानी मांगा तो जालिमों ने जानवरों को पानी पिला दिया मगर सकीना को पानी नहीं दिया। इमाम हुसैन की शहादत के बाद चौथे इमाम और औरतो व बच्चों को कैदी बनाकर बाजार में बेपर्दा घुमाया गया। मजलिस में तसलीम रज़ा, सफीर हैदर, ज़हूर नक़वी, तहसीन रज़ा ने सोजख्वानी की। चांदापुर कानपुर देहात से आये बाकर अली ने कलाम पेश किए। तनवीर हसन, अख्तर अब्बास रिज़वी ने नोहा ख्वानी की। मजलिस में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी, राहत अक़ील, सैफ रज़ा चांदापुर कानपुर देहात, शावेज़ नक़वी, सोनू फर्रुखाबाद, शाजू सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।