शारीरिक शोषण मामले में आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए पेश किया गया संदिग्ध प्रमाण पत्र
JALAUN NEWS: एक बंद पड़े विद्यालय द्वारा फर्जी तरीके से जारी की गई ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) के मामले ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।उक्त प्रकरण में एक महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार, मामला कदौरा क्षेत्र के ग्राम जमरेही स्थित बीआर अंबेडकर जूनियर हाई स्कूल से जुड़ा है, जो कि वर्ष 2016 से बंद चल रहा है। इसके बाबजूद, मार्च 2021 में इसी विद्यालय से एक युवक के नाम कक्षा 8वीं की फर्जी टीसी जारी की गई। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक पीड़ित महिला ने उक्त युवक पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाना और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए आरोपी युवक व उसके पिता को थाने बुलाया, जहां युवक के पिता ने उसे नाबालिग सिद्ध करने हेतु उक्त विद्यालय से प्राप्त टीसी पुलिस को सौंपी।टीसी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को नाबालिग मानते हुए मामले में कार्रवाई से इनकार कर दिया। लेकिन जब महिला को जानकारी हुई कि जिस विद्यालय से टीसी जारी की गई है, वह 9 सालों से बंद पड़ा है, तो उसने पूरे मामले की पड़ताल की। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवक की वास्तविक शैक्षणिक योग्यता केवल कक्षा 2 तक की है, और आज भी वह दस्तखत करने में अक्षम है, फिर भी उसके नाम से कक्षा 8 तक की टीसी जारी कर दी गई।पीड़िता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए न सिर्फ फर्जी टीसी जारी करने वाले शिक्षक के विरुद्ध, बल्कि इसे आधार बनाकर न्याय से बचने वाले युवक के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की है।महिला ने यह भी मांग की कि संबंधित विद्यालय, शिक्षक और आरोपी युवक की भूमिका की जांच बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा की जाए।वही खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह ने कहा कि, मामला अभी संज्ञान में नहीं है, लेकिन जल्द ही जांच कराई जाएगी।यदि विद्यालय या कोई भी व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







