कसया के राधेश्याम सिंह भी पहुंचे तमकुहीराज
KUSHINAGAR NEWS: राजस्व विभाग में वर्षों से एक ही तहसील में कुर्सी जमाकर बैठे लेखपालों पर जिलाधिकारी का बड़ा प्रशासनिक प्रहार हुआ है। पारदर्शिता और निष्पक्षता के नाम पर एक साथ 63 लेखपालों का स्थानांतरण कर दिया गया। आदेश के बाद से विभाग में हड़कंप मचा है।
रसूख’ भी नहीं बचा पाया कसया के राधेश्याम को
तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा कसया तहसील के लेखपाल राधेश्याम सिंह की है। सूत्रों के मुताबिक करीब एक साल पहले हुए तबादले के बाद भी वे कसया नहीं छोड़ रहे थे। पैरवी और पकड़ के दम पर जमे रहने वाले राधेश्याम सिंह को इस बार तमकुहीराज भेज दिया गया है। राजस्व गलियारों में यही कहा जा रहा है – “जिन्हें कोई नहीं हटा पाया, उन्हें DM ने भेज दिया तमकुहीराज।”
पडरौना से कप्तानगंज तक बदले पूरे समीकरण
आदेश के अनुसार पडरौना, कसया, हाटा, खड्डा, तमकुहीराज और कप्तानगंज तहसीलों के लेखपालों को आपस में अदल-बदल किया गया है। कई लेखपाल पडरौना से कप्तानगंज, खड्डा और तमकुहीराज भेजे गए हैं। डीएम ने साफ कहा है – सभी तुरंत कार्यमुक्त होकर नई तैनाती पर योगदान करें। वेतन भी अब नए तैनाती स्थल से ही मिलेगा।
टूटा ‘स्थायी तैनाती’ का मिथक
राजस्व विभाग में यह आम धारणा थी कि कुछ लेखपाल वर्षों तक एक ही जगह जमकर स्थानीय नेटवर्क बना लेते हैं। प्रशासन का मानना है कि इसी से फाइलें लटकती और दलाली बढ़ती है। इस बार 63 नामों को हटाकर DM ने उस मिथक को तोड़ दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह राजस्व कार्यों को निष्पक्ष बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
कार्यालयों में गर्म है चर्चा
सूची जारी होते ही तहसील और कचहरियों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ कर्मचारी इसे सुधार की दिशा में सही कदम बता रहे हैं, तो कई के लिए यह आदेश अप्रत्याशित रहा। सूत्रों की मानें तो यह शुरुआत है, आगे भी लंबे समय से जमे अन्य कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
डीएम के इस फैसले ने साफ कर दिया है – शासन की स्थानांतरण नीति से ऊपर कोई रसूख नहीं।








