251 जोड़े यजमान रूप में रहे उपस्थित
LAKHIMPUR KHERI NEWS: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रयोदश महारुद्राभिषेक एवं पार्थिव पूजन का भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पवित्र धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन रामदेव मिश्र शास्त्री के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में तथा मां कात्यायनी सेवा समिति के तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम में 251 श्रद्धालु जोड़े यजमान रूप में विधिवत आचार्यों के निर्देशन में आसनस्थ हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का त्रयोदश महारुद्राभिषेक एवं पार्थिव पूजन संपन्न कराया। यजमानों द्वारा सामूहिक रूप से किए गए इस अभिषेक से संपूर्ण वातावरण “हर-हर महादेव” एवं “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा और वातावरण पूर्णतः शिवमय बन गया।अनुष्ठान के अंतर्गत पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि-विधानपूर्वक पूजन किया गया, जिसमें सभी यजमान जोड़ों ने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक दुर्लभ आध्यात्मिक अनुभव रहा, जिसमें सामूहिक साधना एवं भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।महारुद्राभिषेक एवं पार्थिव पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों को प्रसाद स्वरूप रुद्राक्ष प्रदान किए गए। श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा मानते हुए श्रद्धा भाव से ग्रहण किया।आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में मां कात्यायनी सेवा समिति के कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा।अंत में आयोजकों द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी यजमानों, श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं जनकल्याणकारी आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।







