शिव जियावन इंटर कॉलेज में शिक्षक व संसाधनों की कमी के बावजूद अभिभावकों की मांग पर लगातार बढ़ रहे प्रवेश
PRAYAGRAJ NEWS: यमुनानगर के दक्षिणांचल क्षेत्र स्थित शिव जियावन इंटर कॉलेज, लेड़ियारी में नियमित शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद करीब 2100 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई वित्तविहीन शिक्षकों के सहयोग से संचालित की जा रही है। बढ़ती छात्र संख्या और सीमित संसाधनों के बीच विद्यालय प्रबंधन के सामने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है। विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक लगभग 2100 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनके शिक्षण के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य सहित केवल 18 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति है। मान्यता के अनुसार कक्षा 6, 7, 8, 11 और 12 में एक-एक तथा कक्षा 9 और 10 में तीन-तीन सेक्शन स्वीकृत हैं। लेकिन छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए शिक्षक-अभिभावक संघ के सहयोग से 22 वित्तविहीन शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इन्हीं के सहयोग से कक्षा 6, 7 और 8 में दो-दो सेक्शन, कक्षा 9 और 10 में पांच-पांच सेक्शन तथा कक्षा 11 और 12 में तीन-तीन सेक्शन संचालित किए जा रहे हैं। इस प्रकार विद्यालय में नियमित और वित्तविहीन शिक्षकों सहित कुल लगभग 40 शिक्षक एवं कर्मचारी छात्रों के शिक्षण कार्य में लगे हुए हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य संतराज कनौजिया ने बताया कि वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय पर प्रतिमाह लगभग ₹2.25 लाख व्यय किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय में फर्नीचर, भवन निर्माण, रंगाई-पुताई, रखरखाव और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर भी प्रतिवर्ष पर्याप्त धनराशि खर्च होती है। विद्यालय के प्रबंधक दीपक कुमार तथा शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष डी.पी. शुक्ल ने बताया कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सीमित विकल्प होने के कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश इसी विद्यालय में कराना चाहते हैं। अभिभावकों की मांग को देखते हुए अधिकांश छात्रों का प्रवेश लेना विद्यालय की मजबूरी बन जाता है। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय परिसर में बिजली की बचत के लिए सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को शुल्क में छूट देने के साथ-साथ पठन-पाठन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।







