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2009 के हत्याकांड में 17 साल बाद फैसला, पांच दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा

कटरा क्षेत्र के आवास विकास इलाके में मामूली विवाद में हुई थीं हत्या
MIRZAPUR NEWS:  कोतवाली कटरा क्षेत्र के आवास विकास इलाके में वर्ष 2009 में हुए चर्चित हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 की अदालत ने बुधवार को पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने वंश नारायण पाण्डेय, ऋषि पाण्डेय उर्फ गुरु, प्रमोद कुमार दुबे उर्फ दरोगा, बालकृष्ण दुबे उर्फ लालकृष्ण दुबे और अंशुमाली मिश्र को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 20-20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही धारा 307/149 में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने धारा 147 और 148 के तहत क्रमशः दो वर्ष और तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड भी लगाया। वहीं शस्त्र अधिनियम के तहत संबंधित दोषियों को अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वर्ष 2009 में मामूली विवाद के चलते आरोपियों ने हमला कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। घटना के बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा और लंबे समय तक सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) ने तर्क दिया कि मामूली विवाद में हत्या किया जाना जघन्य अपराध है और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि सभी आरोपी पहली बार अपराध में शामिल हुए हैं और उनमें कुछ युवा व एक वृद्ध भी शामिल है, इसलिए नरमी बरती जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। फैसले के बाद सभी दोषियों को जिला कारागार भेज दिया गया।