PRAYAGRAJ NEWS: सहसों में गंगापार कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद के नेतृत्व में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। वार्ता को संबोधित करते हुए अहमद ने कहा कि 20 वर्ष पहले यूपीए की सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लागू कर संविधान में निहित काम करने के अधिकार को साकार किया था। जिससे पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती प्रदान हुई थी। कोविड 19 कोरोना जैसे महामारी संकटों के दौरान ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुई।प रंतु बीजेपी सरकार भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए गरिमा सुरक्षा और जीवन यापन की गारंटी इस कानून को कमजोर कर इसे खत्म करने की साजिश कर रही है। परन्तु कांग्रेस पार्टी संसद से सड़कों तक प्रतिबद्ध है कि जब तक मनरेगा को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस मजदूर विरोधी नियम के आते ही कांग्रेस ने 3 जनवरी से पूरे प्रदेश में मनरेगा बचाव संग्राम चैपाल गांधीवादी तरीके से संवेदनहीन बदलाव का विरोध कर रही है जिसके माध्यम से 5000 से ज्यादा मनरेगा बचाओ चैपाल का आयोजन किया जा चुका है। और 13 फरवरी को मनरेगा बचाव पदयात्रा की गई। मनरेगा बचाव संग्राम का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है जिसमें कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेंगे और सोई हुई भाजपा सरकार को जागने का काम करेंगे। इस अवसर पर विशेष आमंत्रित सदस्य शरद उपाध्य मुन्ना, डा.जगत नारायण सिंह, निशा सिंह, राम मनोरथ सरोज, डा.अमर सिंह पटेल, वाररूम प्रभारी सद्दाम हुसैन सिद्दीकी, पुष्पा चैधरी, सुनील पांडे आदि लोग उपस्थित रहे।







