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15माह के अबोध बच्चे को मां को सौंपने के आदेश का पालन न कर पत्र लिखने में व्यस्त रहने पर हाईकोर्ट आश्चर्य चकित

कहा आदेश पालन की दे जानकारी अन्यथा एस पी जौनपुर होंगे तलब
प्रयागराज

PRAYAGRAJ NEWS:  हाईकोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि पुलिस अधिकारी कोर्ट आदेश का पालन करने के बजाय एक दूसरे को पत्र लिखने में व्यस्त हैं।और 15माह का बच्चा बाल कल्याण समिति के निर्देश के विपरीत जौनपुर पुलिस लाइन में रखा हुआ है। कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से जानकारी मांगी है और कहा है कि उचित जानकारी नहीं दी गई तो कोर्ट एस पी को तलब करेगी। अपील की सुनवाई 11मार्च को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने श्रीमती रिंकू राम उर्फ रिंकू देवी व अन्य की विशेष अपील की सुनवाई करते हुए दिया है। अपील पर अधिवक्ता कमलाकांत मिश्र व वरुण मिश्रा ने बहस की। इनका कहना था कि बलिया के थाना हल्दी क्षेत्र की रिंकू राम की शादी धर्मेंद्र राम के साथ हुई थी। एक बेटा विश्वजीत पैदा हुआ।पति ने 15माह के बच्चे को मां से छीन लिया ।बाल कल्याण समिति ने बच्चे को मां को सौंपने का आदेश दिया किन्तु पुलिस लाइन जौनपुर में उसे रखा गया। आदेश का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने समिति का आदेश पालन करने के मामले में पुलिस से रिपोर्ट मांगी।बताया गया कि एस एच ओ हल्दी ने एस पी बलिया को रिपोर्ट दी कि एस पी जौनपुर को उचित कदम उठाने का आदेश दिया है,जहां विपक्षी पति धर्मेंद्र राम पुलिस लाइन जौनपुर में कांस्टेबल पद पर कार्यरत हैं।