प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा मौत का मांझा
JAUNPUR NEWS: जनपद में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक और जान ले ली. बाइक सवार फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. समीर हाशमी की गर्दन मांझे से इतनी बुरी तरह कटी कि हड्डी तक रेत गई. हेलमेट पहनने के बावजूद वह खुद को बचा नहीं सके और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई. जिले में यह दूसरी दुखद घटना है। बताते चलें कि जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास बाइक सवार डॉ. समीर हाशमी की चाइनीज मांझे के चपेट में आने से मौत हो गई. समीर केराकत बाजार में फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में प्रैक्टिस करते थे. समीर के पिता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वो किसी से मिलने जिला अस्पताल जा रहे थे। बाइक पर हेलमेट लगाए समीर जब प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास पहुंचे तभी अचानक चाइनीज मांझे कि चपेट में आ गए. तेज धार से उनकी गर्दन कट गई. सड़क पर गिरते ही उनके गर्दन से खून का फव्वारा निकल गया. डॉ समीर को अपना हेलमेट निकालने तक का मौका ना मिला। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह एंबुलेंस के माध्यम से डॉक्टर समीर को जिला अस्पताल भिजवाया. जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की जानकारी देते हुए सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि चाइनीज मांझे की चपेट में आने से डॉ समीर की मौत हुई है जिसे संज्ञान में लेते हुए मांझे के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जाएगा और बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाने वाले अधिवक्ता विकास तिवारी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की शह पर जगह-जगह पर चाइनीज मांझे की बिक्री हो रही है. कोरमपूर्ति के लिए दिखावटी कार्यवाही कर दी जा रही है लेकिन कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को एक लीगल नोटिस एनजीटी की गाइडलाइंस के तहत भेजी गई है. एनजीटी की गाइडलाइंस के अनुसार प्रतिबंध मांझे की बिक्री और उसकी निगरानी के लिए जवाबदेही तय की गई थी।







