BALRAMPUR NEWS: कमाल खान(ब्यूरो प्रमुख) यूपी बोर्ड हाईस्कूल गणित परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल का एक वीडियो सामने आया है। इस मामले में देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना पब्लिक सिटी मांटेसरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अगरहवा परीक्षा केंद्र से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी को पहली पाली में हाईस्कूल गणित की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दौरान कक्ष संख्या-8 में तैनात कक्ष निरीक्षक परीक्षार्थियों को पर्चियों से उत्तर लिखवाते हुए कैमरे में कैद हुए। एक छात्र ने अपने मोबाइल से यह वीडियो बनाया और बाद में इसे अधिकारियों तक पहुंचाया। वीडियो सामने आने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद ने राजकीय हाईस्कूल मधवाजोत के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन कुमार पांडेय को जांच के लिए नामित किया। जांच में केंद्र व्यवस्थापक श्रवण कुमार शुक्ल, आंतरिक सचल दल और कक्ष निरीक्षक की लापरवाही सामने आई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग से अनुमति लेकर मंगलवार को बाह्य केंद्र व्यवस्थापक मधुसूदन पासवान की तहरीर पर देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। यह मुकदमा केंद्र व्यवस्थापक श्रवण कुमार शुक्ल, आंतरिक सचल दल और कक्ष निरीक्षक के खिलाफ दर्ज हुआ है। प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। इस पूरे प्रकरण ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोर्ड परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। इसके बावजूद परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा और वीडियो कैसे बनाया गया, यह जांच का विषय है। मामले में बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। नियमानुसार, परीक्षा केंद्र की समस्त व्यवस्था और निगरानी की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापन से जुड़े अधिकारियों पर होती है। ऐसे में नकल की घटना होना पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
कंट्रोल रूम और कैमरा निगरानी पर भी उठे प्रश्न
यूपी बोर्ड परीक्षाओं में हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम से निगरानी की व्यवस्था होने का दावा किया जाता है। ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या उस समय कैमरे बंद थे या कैमरे चालू होने के बावजूद यह गतिविधि निगरानी में नहीं आ सकी। यदि कैमरे चालू थे तो कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी क्या कर रहे थे?
स्टैटिक, जोनल और सचल दल की भूमिका पर भी सवाल
परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए स्टैटिक मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और सचल दल की तैनाती की जाती है। इसके अलावा एसडीएम, एडीएम और डीएम स्तर तक कंट्रोल रूम से निगरानी का दावा किया जाता है। इसके बावजूद परीक्षा कक्ष में सामूहिक नकल और मोबाइल से वीडियो बनना प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़ा कर रहा है।







