मौरंग लदे डम्फर की धुलाई होते हुए व राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क पर फैला कीचड़ युक्त मौरंग
ETAWA NEWS: नेशनल हाईवे किनारे अवैध रूप से संचालित हो रहे मौरंग धुलाई सेंटर न केवल पानी की बर्बादी का कारण बन रहे हैं, बल्कि आए दिन सड़क हादसों की वजह भी बन रहे हैं। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक हाईवे किनारे कई मौरंग कारोबारी कम कीमत की गंदी मौरंग को अवैध सेंटरों पर धुलवाकर उसे चमकदार बना देते हैं और फिर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचते हैं। एक डंपर की धुलाई में करीब 20 हजार लीटर पानी खर्च होता है। बताया जाता है कि रोजाना 20 से 25 डंपरों की धुलाई होती है, यानी लाखों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है। धुलाई के लिए बोरिंग से पानी निकालकर पंपिंग सेट से इस्तेमाल किया जाता है।
धुलाई के बाद डंपर सड़क पर निकलते हैं, जिससे हाईवे बारिश जैसी फिसलन भरा हो जाता है। इसी कारण बाइक सवार आए दिन अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार बन रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन और पुलिस को अवैध धुलाई सेंटरों की शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कुलदीप कुमार शाक्य का कहना है कि सेंटर संचालक प्रति डंपर 1500 रुपये तक वसूलते हैं। डंपर और लोडर गाड़ियों की आवाजाही से सड़क की पटरियां धंस गई हैं। कई बार गाड़ियां फंस जाती हैं, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिति तक बन जाती है।का कहना है कि इन अवैध वॉशिंग सेंटरों से न केवल जलस्तर पर खतरा मंडरा रहा है बल्कि सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं आम जनता की जान से खिलवाड़ हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। इस मामले पर एसडीएम कुमार सत्यम जीत से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया पर बायरल हुए वीडियो को संज्ञान में लेकर उन्होंने आश्वासन दिया कि तहसीलदार को जांच के लिए भेजा जाएगा और यदि मौरंग बालू सेंटर मानकों के विपरीत पाए गए तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।







