Home उत्तर प्रदेश हमारी रोजी-रोटी पर हमला बर्दाश्त नहीं’—बलिनी की महिलाओं का प्रदर्शन

हमारी रोजी-रोटी पर हमला बर्दाश्त नहीं’—बलिनी की महिलाओं का प्रदर्शन

दूध से जुड़ी आजीविका पर खतरा, बलिनी को कमजोर करने की कोशिश?

JHANSI NEWS: बुन्देलखण्ड क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के खिलाफ कथित साजिश को लेकर महिला डेयरी किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और एनडीडीबी डेयरी सर्विस के चेयरमैन का पुतला दहन कर अपना रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिस संस्था ने तकनीकी सहयोग देकर बलिनी कंपनी की स्थापना में भूमिका निभाई, वही अब अपने स्वार्थ के चलते कंपनी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल किसानों के हितों के खिलाफ है, बल्कि ‘परस्पर सहयोग’ के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है। गौरतलब है कि बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन 24 जनवरी 2019 को कंपनी अधिनियम 2013 के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (भारत सरकार) एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के वित्तीय सहयोग तथा एनडीडीबी डेयरी सर्विस के तकनीकी सहयोग से किया गया था। कंपनी का मुख्यालय झांसी में स्थित है। बीते सात वर्षों में बलिनी ने बुन्देलखण्ड के सात जनपदों—झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट—के लगभग 1410 गांवों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी से जुड़ी करीब 96 हजार महिला सदस्य प्रतिदिन लगभग 3 लाख लीटर दूध का संग्रह और विपणन कर रही हैं, जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसी प्रयास के चलते करीब 25 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत सशक्त बन चुकी हैं। महिला किसानों ने आरोप लगाया कि एनडीडीबी डेयरी सर्विस द्वारा राजस्थान की ‘पायस’ कंपनी को बुन्देलखण्ड में उतारकर अनुचित प्रतिस्पर्धा कराई जा रही है। उनका कहना है कि पायस कंपनी स्वयं अपने राज्य में कुप्रबंधन और किसान विरोधी नीतियों के चलते कमजोर हो चुकी है, और अब उसे यहां लाकर स्थानीय डेयरी व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पायस कंपनी के माध्यम से क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों को गुमराह किया जा रहा है तथा बलिनी के कर्मचारियों और दुग्ध संग्रह केंद्रों को प्रलोभन देकर तोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे न केवल किसानों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि प्रदेश सरकार की डेयरी विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। महिला किसानों ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बलिनी के खिलाफ किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर इस साजिश का पर्दाफाश करने और महिला किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। महिलाओं का कहना है कि बलिनी कंपनी केवल एक संस्था नहीं, बल्कि बुन्देलखण्ड की हजारों महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का आधार है, जिसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जायेगा.