JALAUN NEWS: सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिऐशन उ०प्र० के आवाहन पर केन्द्रीय आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रिफरेन्स में पेंशन पुनरीक्षण तथा अन्य पेंशनरी समस्याओं की मांग को शामिल कराने के लिये हरगोविन्द दयाल श्रीवास्तव जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में कर्मचारी परिषद कार्यालय विकास भवन उरई में पूर्वान्ह 11:30 बजे से एक आम सभा का आयोजन किया गया। आम सभा का संचालन संगठन के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अंगद सिंह राजावत द्वारा किया गया। आज की आम सभा को सम्बोधित करते हुये संगठन की महिला पदाधिकारियों प्रमा शुक्ला, राजेश कुमारी श्रीवास्तव, हेममाला, स्नेहलता मिश्रा, शोभा शर्मा, कुन्ती देवी, रामजानकी, रामदेवी, आदि महिलाओं ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम बुन्देलखण्ड की महिलाओं को अपनी पेंशन बचाने के लिये झांसी की रानी बनकर त्याग और समर्पण के साथ संगठन की आवाज पर भारत सरकार की पेंशनर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष के लिये सड़क पर उतरना पड़ेगा। अंगद सिंह राजावत, मान सिंह लोधी, रामेश्वर दयाल कुशवाहा, लखनलाल अहिरवार, शिवनाथ सिंह कुशवाहा ने कहा कि साथियों आठवें वेतन आयोग में ओल्ड पेंशन धारकों के पेंशन पुनरीक्षण के बिन्दु को शामिल न करके प्रदेश तथा देश के करोड़ो पेंशनर्स के साथ भारत सरकार ने बहुत बड़ा कुठाराघात किया है। इसलिये आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण के बिन्दु को शामिल कराने के लिये अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फैडरेशन के आवाहन पर आज पेंशन बचाओ आन्दोलन की शुरूआत होने जा रही है जिसके तहत आज पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर कैन्डिल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिया जायेगा। संगठन के जिलाध्यक्ष हरगोविन्द दयाल श्रीवास्तव ने आम सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि केन्द्रीय आठवें वेतन आयोग के लिये भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र के टर्म ऑफ रिफरेन्श में एक ऐसी लाइन जोड़ी गई है जो पिछले वेतन आयोग में कभी नही लिखी गई वह है “द अन्टाइड फन्डिंग कौस्ट ऑफ नौन कन्ट्री व्यूटरी पेंशन स्कीम” मतलब क्या पेंशन बिना फन्ड के दी जा रही है, सरकार ऐसा मानती है तो कर्मचारियों का एक लाख करोड़ का जो पेंशने फण्ड जमा है वह कहा गया। सरकार से इसका जबाब देश के 5 करोड़ पेंशनर्स जानना चाहते है या फिर भारत सरकार मार्च 2025 में लोकसभा में पारित कराये गये विल विधेयक 2025 का प्रयोग करके तानाशाही तरीके से ओल्ड पेंशन धारकों की पेंशन में कटौती करना चाह रही है। मित्रों अब समय आ गया है कि पूरे देश का कर्मचारी तथा शिक्षक पेंशनर्स समुदाय एकजुट होकर अपनी पेंशन बचाने एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिये तन, मन धन से संगठन द्वारा घोषित संघर्ष कार्यक्रम को सफल बनाये। आज की आम सभा के पश्चात विकास भवन से कलक्ट्रेट तक सैकड़ों कर्मचारी शिक्षक पेंशनर्स द्वारा कैन्डिल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री भारत सरकार को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी जालौन को सौपकर उसे प्रधानमंत्री को भेजने का अनुरोध किया गया ज्ञापन में करीब एक सैकड़ा पेंशनर मौजूद रहे।।







