ग्रामीणों ने फाग गाकर और अबीर-गुलाल लगाकर दी बधाई
FATEHPUR NEWS: रंगों और उल्लास का पर्व होली जिले के गांवों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना हुसैनगंज क्षेत्र के मंसूरपुर मोधनपुर गांव में साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) के जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह के दरवाजे पर पारंपरिक व्यवस्था के तहत होली का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और फाग गीत गाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। भारतीय संस्कृति में होली केवल रंगों का त्योहार ही नहीं बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। गांवों में आज भी होली की पुरानी परंपराएं जीवित हैं, जहां लोग एक-दूसरे के घर जाकर गुलाल लगाते हैं, फाग और जोगिरा जैसे पारंपरिक गीत गाते हैं और मिल-बैठकर त्योहार की खुशियां मनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ढोलक और मंजीरे की थाप पर पारंपरिक फाग गाए और “जोगिरा सारा रारा” जैसे होली के लोकगीतों पर झूमते हुए उत्सव का आनंद लिया। पूरा वातावरण रंग, उमंग और उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। इस अवसर पर सीजेए जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह ने अपने दरवाजे पर आए सभी लोगों का तिलक लगाकर स्वागत किया और गुझिया, पापड़, कोल्ड ड्रिंक, फल और मेवा जैसे पारंपरिक व्यंजनों से उनका सत्कार किया। उन्होंने कहा कि होली का पर्व समाज में आपसी प्रेम और एकता को मजबूत करता है और लोगों को पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के करीब आने का अवसर देता है। उन्होंने बताया कि होली से पूर्व गांव के जरूरतमंद लोगों की मदद भी की गई ताकि हर घर में त्योहार की खुशियां पहुंच सकें। उनका कहना था कि त्योहार तभी सार्थक होता है जब समाज के हर वर्ग के लोग उसमें शामिल होकर खुशियां साझा करें। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने मिलकर पारंपरिक ढंग से होली का पर्व मनाते हुए एकता और भाईचारे का संदेश दिया।







