छात्रवृत्ति एवं अन्य कल्याणकारी लाभों के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए जाएँगे
JHANSI NEWS: केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने बल सदस्यो के लिए अनेक पहल शुरू की हैं जिसके तहत कम ब्याज दर वाले ऋण, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति के अवसरों में वृद्धि, चिकित्सा उपचार के लिए बेहतर सहायता, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अधिक लाभ, इकाई स्तर के कार्यक्रमों के लिए धन का प्रावधान आदि शामिल हैं। इन नई पहलों के माध्यम से सेवाओं का तेज़ और अधिक पारदर्शी वितरण सुनिश्चित होगा और वित्तीय समस्याएं कम होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये लाभ बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोड़ा के अधिकतम कर्मियों को प्राप्त होंगे
80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी सीआईएसएफ कर्मियों के बच्चे अब महानिदेशक छात्रवृत्ति के लिए पात्र है। शहीदों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति में वृद्धि की गई। लाभार्थियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं । आयुष्मान सीएपीएफ और सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत भुगतान नहीं हुए चिकित्सा बिलों पर जेब से होने वाले खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति केन्द्रीय कल्याण कोष से की जाएगी। पहले इसकी सीमा बिल के 10% और अधिकतम ₹ 50,000 तक थी। अब चिकित्सा आधार पर अतिरिक्त साधारण अवकाश के दौरान भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी । 1 सितंबर, 2025 से, सीआईएसएफ तेज, पारदर्शी और आसानी से सुलभ कल्याण सेवाएं प्रदान करने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन वेलफेयर पोर्टल की शुरूआत करेगा। बल के सदस्य इस पोर्टल के माध्यम से ऋण, छात्रवृत्ति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आदि के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे। यह पोर्टल वित्तीय कल्याण अनुरोधों को प्रोसेस करने की मौजूदा मैनुअल प्रणाली की जगह लेगा। सीआईएसएफ मुख्यालय द्वारा विकसित एक विशेष सॉफ्टवेयर अंशदायी कल्याण निधि का प्रबंधन करेगा, जो ऑनलाइन आवेदन के 15 दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक निकासी और आवेदक के खाते में भुगतान का सीधा हस्तांतरण सुनिश्चित करेगा। ऋणों के लिए प्राथमिकता व्यवस्थित रूप से निर्धारित की जाएगी, जिसमें चिकित्सा उपचार सबसे ऊपर होगा, उसके बाद विवाह, शिक्षा, आवास और अन्य ज़रूरतें होंगी। कुल कल्याण निधि का लगभग 80%, जो 100 करोड़ रुपये से अधिक है, कार्मिकों की कल्याण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अलग रखा जाएगा। सीआईएसएफ मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन पहलों की सराहना करते हुए इसे ‘कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण की रक्षा के लिए एक निर्णायक कदम’ बताया है। वित्तीय बोझ कम करके, छात्रवृत्ति का विस्तार करके, चिकित्सा कवर बढ़ाकर और प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करके, सीआईएसएफ ने अर्धसैनिक बलों के बीच कल्याणकारी शासन में एक नया मानदंड स्थापित किया है।







