KAUSHAMBI NEWS: देश को नशा-मुक्त बनाने और युवाओं में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय सिराथू में ‘नशा-मुक्त भारत : युवाओं का संकल्प’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. संजय प्रसाद शर्मा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा वर्तिका साहू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं छात्र प्रकाश मालवीय और कृतिका श्रीवास्तव ने क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतिभागियों ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. मीरा पाल ने कहा कि नशे की लत एक दीमक की तरह होती है, जो व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ उसके परिवार के सपनों को भी नष्ट कर देती है। उन्होंने बताया कि शराब, सिगरेट व अन्य मादक पदार्थों के सेवन से कैंसर, लीवर संबंधी बीमारियां और मानसिक अवसाद जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं कार्यक्रम संयोजक डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल ने उपस्थित सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को नशा-मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने आचार्य रामचंद्र शुक्ल के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “कुसंगति का ज्वर सबसे भयानक होता है” और नशे की शुरुआत अक्सर बुरी संगति से ही होती है, जो व्यक्ति की नैतिकता और बुद्धि को प्रभावित करती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल ने किया, जबकि आभार ज्ञापन डॉ. जसविंदर कौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. स्मिता पॉल, डॉ. विकास चंद्र, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. विपुल सिंह सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक व कर्मचारी उपस्थित रहे।







