Home उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर में विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर संगोष्ठी, काला नमक चावल पर जोर

सिद्धार्थनगर में विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर संगोष्ठी, काला नमक चावल पर जोर

किसानों, उद्यमियों ने दिए सुझाव, गुणवत्ता और ब्रांडिंग सुधारने की जरूरत बताई

SIDHARTHNAGAR NEWS: समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के विजन डॉक्यूमेंट पर शुक्रवार को अंबेडकर सभागार में एक दिवसीय जनपदीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसका मकसद राज्य के विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों से सुझाव प्राप्त करना था। इस कार्यक्रम में किसानों, एफपीओ सदस्यों, कृषि वैज्ञानिकों, व्यापारियों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आइपीएस व पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह, सेवानिवृत्त प्राचार्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, राजस्व परिषद के सदस्य व नोडल अधिकारी एस.बी.एस. रंगाराव, जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे। पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह ने काला नमक चावल की गुणवत्ता और ब्रांडिंग में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ‘सोने की चिड़िया’ बनाए रखने के लिए सभी को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना होगा। उन्होंने एफपीओ को क्षेत्र के अनुसार खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की बात कही। नोडल अधिकारी एस.बी.एस. रंगाराव ने बताया कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के तहत सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल को चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सुरक्षा के लिए योजनाओं का डिजिटलीकरण कर रही है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने बताया कि नवंबर 2025 में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन होगा ताकि काला नमक चावल को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि जिले के सागरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है और डहरताल में फ्लोटिंग रेस्तरां बनाने का प्रयास है। अन्य वक्ताओं ने भी किसानों की आय दोगुनी करने, खेती के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन पर ध्यान देने और 2047 तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य में जनभागीदारी के महत्व पर बात की। इस मौके पर कई किसानों और उद्यमियों ने भी अपने सुझाव दिए।