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सिद्धार्थनगर में कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’: केंद्र की नीतियों के खिलाफ 45 दिनों के आंदोलन का शंखनाद

गरीबों के संवैधानिक अधिकार के लिए सड़क से सदन तक लड़ेगी कांग्रेस; ₹400 दिहाड़ी और 100 दिन काम की मांग

SIDHARTHNAGAR NEWS: जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध एक व्यापक जन-आंदोलन की घोषणा की गई है। डुमरियागंज में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने बताया कि आगामी 11 जनवरी से जनपद में 45 दिवसीय “मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान” का आगाज़ किया जा रहा है। यह अभियान मुख्य रूप से देश के गरीब, मजदूर, किसान और ग्रामीण परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। इस बड़े आंदोलन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजन श्रीवास्तव को जनपद कोआर्डिनेटर नियुक्त किया है, जो पूरे जिले में कार्यक्रमों की कमान संभालेंगे। कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि केंद्र सरकार सोची-समझी साजिश के तहत मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर रही है, जिसे पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और कहा कि मनरेगा में किए गए तकनीकी बदलावों और जटिलताओं के कारण करोड़ों गरीब परिवारों का रोजगार आज संकट में है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रियाओं और ऐप के नाम पर मजदूरों को उलझाया जा रहा है, जिससे न केवल काम में कटौती हो रही है बल्कि समय पर भुगतान न मिलने से मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। जिलाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि मनरेगा कोई खैरात या भीख नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस शासन द्वारा दिया गया गरीबों का एक संवैधानिक अधिकार है। कांग्रेस पार्टी ने संकल्प लिया है कि इस अधिकार को बचाने के लिए वह सड़क से लेकर सदन तक हर स्तर पर संघर्ष करेगी और मजदूरों की आवाज को दबने नहीं देगी।
इस आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिला कोआर्डिनेटर राजन श्रीवास्तव ने बताया कि यह संग्राम पूरी तरह चरणबद्ध और व्यापक होगा। आंदोलन की शुरुआत 11 जनवरी को एक दिवसीय प्रतीकात्मक उपवास के साथ होगी, जिसके माध्यम से सरकार को चेतावनी दी जाएगी। इसके उपरांत, 12 जनवरी से 29 जनवरी तक न्याय पंचायत स्तर पर सघन जन-संपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मनरेगा श्रमिकों को केंद्र सरकार की कथित साजिशों और उनके अधिकारों के हनन के बारे में जागरूक करेंगे। आंदोलन के अगले चरण में 30 जनवरी को जनपद के सभी विकास खंडों (ब्लॉकों) पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार तक जनता का आक्रोश पहुंचाया जा सके। अभियान के अंतिम चरण में 31 जनवरी से 6 फरवरी के बीच जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से VB-GRAM-G विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की जाएगी। कांग्रेस की प्रमुख मांगों में प्रत्येक पंजीकृत परिवार को 100 दिन के काम की गारंटी, जवाबदेही तय करना, न्यूनतम मजदूरी ₹400 प्रतिदिन करना और योजना में किए गए सभी हालिया बदलावों को तत्काल वापस लेना शामिल है। प्रेस वार्ता के दौरान जिला कोषाध्यक्ष रियाज़ मनिहार, ब्लाक अध्यक्ष मुकेश चौबे और जिला महासचिव आसिफ़ रिज़्वी सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने का संकल्प दोहराया।