Home उत्तर प्रदेश साहित्यिक संस्था सफ़ीरे सुख़न के बैनर तले आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी संपन्न

साहित्यिक संस्था सफ़ीरे सुख़न के बैनर तले आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी संपन्न

JALAUN NEWS: नशिस्त अध्यक्षता वरिष्ठ शायर नईम ज़िया कानपुरी साहब ने की और संचालन आज़म बद्र ने किया।
हक़ परस्ती में ये हुआ अक्सर। जिस्म छलनी हुआ है कीलों से। डॉ नईम ज़िया कानपुरी टुन्डे थे तीन पुश्तों से उख़ानदान में। सरसों कहां जमाता हथेली नहीं मिली।मुकरी साहब कोई हुज्जत न कोई हीलों से, बात साबित करो दलीलों से।मुबीन अहमद मुबीन,दौर बदला है आज दुनिया का।मिल रही शोहरतें भी रीलों से।युसुफ़ अंजान फ़ैसला हो चुका है पहले ही।फ़ायदा कुछ नहीं दलीलों से।फ़रीद अली बशर आज घायल है कौमी यकजहती। बुग्ज़ो नफ़रत की चंद कीलों से।
  परवेज़ अख़्तर मुन्ना था वो क़िरदार मेरे आक़ा का।लोग पहचानते थे मीलों से।आज़म बद्र ख़ुद ही समझौता करना बेहतर है।राय ना लीजिए वकीलों से।इन्तिख़ाब दानिश कोई बस्ती में मर गया शायद।आसमां भर गया है चीलों से।मु. फ़राज़ अच्छे श्रोता के रूप में अमजद आलम, अनूप याज्ञिक, शाकोटरा,अनीस अंसारी, राजेन्द्र सिंह, अभिषेक कुमार, इमरान अंसारी आदि लोग अंत तक मौजूद रहे। संस्था के अध्यक्ष फ़रीद अली बशर ने सभी का आभार व्यक्त किया।