किसान गोष्ठी में मथमुडिया कीट व खर पतवार नियंत्रण की दी गई जानकारी
KUSHINAGAR NEWS: सावन के महीना में खेतों में चारों तरफ पानी दिखाई देता था। मेंढक की आवाज सुनने को मिलता था खेत में चारों तरफ किसान का हलवाहा केंचुआ दिखाई देता था। आज प्रकृति का बदलाव खेतों में दिखने लगा धान के खेत में दरारे फट गया किसान मायूस व निराश दिख रहे हैं वही गन्ना फसल में हरियाली दिख रही है आने वाला समय गन्ने का होगा। यह बातें उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक एवं चीनी मिल चीनी मिल के गन्ना विशेषज्ञ डॉक्टर ओमप्रकाश गुप्ता ने ढाढा चीनी मिल द्वारा ग्राम हरैया पिपरादौला कदम में गन्ना फसल सुरक्षा, पेड़ी प्रबंधन विषय पर आयोजित गोष्ठी मे किसानों से कही। पूर्व सहायक निदेशक श्री गुप्ता ने बताया कि गन्ना फसल मथ मुड़िया कीट नियंत्रण के लिए नेट जान या टिंटआ या नटऐरा या जयकोर किसी एक का जड़ों के पास ड्रेचिंग करें। ढाढा चीनी मिल के अधिशासी अध्यक्ष करण सिंह ने सभी गन्ना किसानों से अपील की चीनी मिल द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं का लाभ उठाएं। इस समय मिल परिक्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। श्री गुप्ता ने बताया खरपतवार नाशक रक्षक मात्र 115 मिलीलीटरव स्कोप मात्र 500 ग्राम दोनों को डेढ़ सौ लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। एक एकड़ खेत में नमी की दशा मे उप प्रबंधक गन्ना महेश तिवारी ने बताया गन्ना विकास के लिए परिणय छिड़काव कराया जा रहा है। कीटनाशक उपलब्ध कराया जा रहा है। गन्ना फसल में यूरिया की अंतिम डोज प्रयोग कराया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञ मनीष पाठक ने धान में घास नियंत्रण के लिए हर विडोन प्रयोग का तरीका बताया। रामानंद व निखिल द्विवेदी गन्ना सुपरवाइजर ने मत मुड़िया किट से प्रभावित पौधा दिखाए। अध्यक्षता दिनेश दुबे ने किया।







