दलित बस्ती में दूषित पानी पीने को हो रहें मजबूर ग्रामीण
FATEHPUR NEWS: जिले के खागा तहसील क्षेत्र में एक चौका देने वाला मामला सामने आया है जहाँ पर आज के दौर में भी दलितों को दलित की भावना से देखा जा रहा है। उनकी समस्याओं को अनदेखा करके उन्हें बीमारी के मुंह में ढकेला जा रहा है। बताते चले कि ऐरायाँ विकास खण्ड के डांडीहार मजरे धनकामई गाँव के दलित बस्ती में दूषित पानी पीने को दर्जनों घऱ मजबूर हो रहें हैं। इस मामले में महेश पासवान के दरवाज़े लगा सरकारी हैण्डपम्प सालों से गंदा बदबूदार पानी देता है, जिस पर गाँव के संदीप कुमार, नरेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, सुरेश कुमार, मुकेश, देशराज, सुधिया देवी, बिन्दा, महेश सहित कई लोगों ने बताया कि पूर्व में कई बार शिकायत खंड विकास अधिकारी से किया साथ ही जिलाधिकारी फतेहपुर और तहसील दिवस एंव जनसुनवाई पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई गयी है लेकिन अधिकारियों द्वारा गलत रिपोर्ट भेजकर समस्या का निस्तारण कर दिया गया है। जबकि गाँव में पानी की तस्वीरें जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। बताते चलें कि जहां एक तरफ भारत सरकार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार में सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली और स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार फतेहपुर जिले के ऐरायाँ विकास खंड अंतर्गत डांडिहार मजरे धनकामई गांव में पूरी तरह फेल नज़र आ रही है। वहीं दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छता से लेकर पेयजल की शुद्धता ग्रामीण अंचलों में कुछ और ही बयां करती नजर आ रही है जिससे कि ना तो कहीं पर स्वच्छता है ना ही लोगों में स्वथता दिखाई देती है। किसी ने सही ही कहा है कि “ढोल के अंदर पोल” का मुहावरा सबित हो रहा है। यह गाँव सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ सरकार की फेलियर का प्रमाण दे रही है।
इतना ही नहीं बल्कि गांव के लोगों का कहना रहा कि आज भी दलितों को दलित की भावना से देखा जा रहा है क्योंकि इनकी शिकायतों को नज़र अंदाज करके उन्हें दूषित पानी पीने को मजबूर किया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ़ डांडीहार गांव के इसी बस्ती के लोगों द्वारा तालाब में लकड़ी का पुल बनाकर जान जोखिम में डालकर निकलते हैं। जबकि हाल ही में बिंदकी तहसील में नदी के ऊपर बनाये गए लकड़ी के पूल का मामला शांत नही हुआ था कि एक और लकड़ी के पुल से जान जोखिम में डालकर गांव वाले निकल रहे हैं। इसका जिम्मेदार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को बता रहे हैं। पूरे मामले में ऐरायां ब्लॉक के प्रभारी एडीओ पंचायत अर्पण अग्रवाल का कहना रहा है कि मामला संज्ञान में नहीं था, अब तत्काल टीम गठित करके जाँच कराकर समस्या को खत्म कराई जाएगी।







